Wednesday, February 12, 2014

Sting: A Biography of a Great Man

स्टिंग, जिसका अस्कली नाम गॉर्डोन सुमनेर है, एक अंग्रेज़ी गायक है। उनको जन्म 2 अक्टूबर 1951 को हुआ था।  वह वॉलसेंड, इंग्लैंड, में था, एक इंग्लैंड के उत्तर में एक पुराना शहर था।  उसका पिटा जी एक दूधवाला और एक इंजीनियर था।  स्टिंग के पिटा उस से बहुत महत्वपूर्ण था।  स्टिंग का परिवार में तीन बहन और भाई।  स्टिंग संत कठबेर्ट्स में पढ़ने के लिए भरती किया उसके बाद स्टिंग एक शिक्षक बन गया,और वह दो साल के लिए एक शिक्षक के रूप में काम किया।  स्टिंग रात में जैज बैंड में बजाता था. कब स्टिंग जैज़ बैंड में बजाता था, लोग ने उसको "स्टिंग" पुकारा क्योंकि उसका स्वेटर पिले  और काले रंग की था।  1977 में स्टिंग और दो और आदमी बैंड बनाया, और उसका नाम "थे पुलीस " था।   उनका पहले एलबम "आउटलैंडस  डैमोर" कहा जाता था और इस 1978 में निकला।  स्टिंग और "थे पुलीस " के पास पांच एल्बम था, और वे आठ साल के लिए एक बैंड थे।  उसके बाद, स्टिंग " थे पुलीस" को छोड़ा, और वह अपने आप  के संगीत बनाने शुरू किया। उसके बाद से वह ग्यारह एल्बम जारी।  वह दसियों एलबम के लाखों बेच दिया है।  वह भी कई पुरस्कार जीते है।  स्टिंग अभी भी संगीत बनाता है, और हाल ही में उनका एलबम 2013 में जारी किया गया था।  

Biography of Famous Writer - Jhumpa Lahiri (Supriya J.)

झुम्पा लाहिरी एक बड़ी और बहुत प्रसिद्द लेखिका है। उसने बहुत सारे किताबे, उपन्यास, लेख और निबंध लिखा है।  
झुमप लाहिरी सैंतालीस साल की औरत है।  वह ११ जुलाई १९६७ पर पैदा हुई। वह लन्दन, इंगलैंड में पैदा हुई।  
उसके मॉं-बाप भारत से इंगलैंड आए थे, उसके जनम के पहले। जब लाहिरी तीन साल कि थी, वह माँ-बाप के साथ रोड आइलैंड गई। लाहिरी का बचपन रोड आइलैंड में था।   लाहिरी एक बंगाली - अमरीकन लेखिका है।  वह भारतीय लोग के बारे में लिखती है। 
लाहिरी न्यू यॉर्क, अमरीका में कालेज गई। उसने बर्नार्ड कालेज में इंग्लिश पढ़ा।  
उसके बाद, लाहिरी ने इंग्लिश में M.A. किया और बोस्टन विश्वविद्यालय में  'रेनेसांस स्टडीस में P.H.D. किया।  
लाहिरी ने बहुत सारे अच्छे कहानियां लिखा हैं।  वह किताबे में वे लोग भारत से अमरीका या इंगलैंड आते है, उसके बारे में लिखता है।
लाहिरी का सबसे पहला किताब, 'इंटरप्रीटर ऑफ मलीडीस' को 'पुलित्ज़र पुरुस्कार मिला।  यह पुरुस्कार बहुत सम्मान्य है।  
इस किताब में बहुत छोटे छोटे कहानियां है।  इसके बाद, लाहिरी ने पेहेले से एक उपन्यास लिखा।  इसका नाम 'नैमसेक' था।
यह उपन्यास भी बहुत प्रसिद्ध हुआ। नैमसेक पर एक अच्छी फ़िल्म आई थी।  
झुम्पा लाहिरी ने अब तक तेरह पुरुस्कार मिले है।  वह 'प्रेसिडेंट्स कमइसोंन ऑफ़ आर्ट्स एंड हुमांईटीएस' का सदस्य है।  
२००१ में, लाहिरी ने अल्बर्टो वॉरवॉलिओस से शादी कि। उनको दो बच्चे है।  एक नौ साल का बीटा और एक छे साल कि लड़की।  
लाहिरी आज कल भी लिखता है। उसका सबसे नई किताब का नाम 'लोलैंडस' है।
लाहिरी इस देश का बहुत बड़ी और सफल लेखिका है।  उसके बहुत सरे पुरुस्कार है, लेकिन वह सीदा जीवन जीती है।  
भविष्य में वह अमरीका या इंगलैंड में रहने वाले भारतीय लोग के बारे में और महान कहानियां लिखेंगी।

HW #8 - Famous Person: Pratibha Patil

2007 की जुलाई में, भारत की पहली महिला राष्ट्रपति पड़ा। प्रतिभा पाटिल भारत में राष्ट्रपति के रूप निर्वाचित होने वाली पहली महिला थी, और 2007-2012 में सेवा। पाटिल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करती है, और कई प्रगतिशील दृश्य उपलब्ध हैं। वह महाराष्ट्र भारत में पैदा हुई थी, और कई सालों के लिए अध्ययन किया गई थी। अंत में उसने कई विभिन्न विश्वविद्यालयों में, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, और कानून की डिग्री प्राप्त की। उसने जलगांव में कानून का अभ्यास करकी अपने कैरियर शुरू किया, और उसने भी महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने में शामिल हो गई। कुछ समय के कानून का अभ्यास करने के बाद, उसने 1962 में विधान सभा के एक सदस्य और 1985 में संसद के एक सदस्य बन गई। इसके बाद, पाटिल ने थोड़े समय राजनीति से संन्यास ली। हालांकि, 2004 के नवंबर में, पाटिल के कैरियर में बहुत बड़ा हो गया क्योंकि उसने राजस्थान के राज्यपाल के रूप निर्वाचित किया गई थी। उसने साथ ही इस पद धारण करने वाली पहली महिला थी। इसके बाद पाटिल ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप नामित किया गई थी, और कुछ विरोध के बाद, उसने मतदान के दो तिहाई के साथ चुनाव जाती। राष्ट्रपति के रूप में अपने समय के दौरान, पाटिल उसने कई विवादों के कारण होती। उसने कई अपराधियों की मौत माफ़ किया, और उसने विदेशी देशों के कई महंगी यात्राओं पर चली गई। मैं राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यों के कई के साथ सहमत नहीं हूँ, लेकिन मैने प्रतिभा पाटिल के बारे में बात करना का फैसला क्योंकि मुझे लगती है कि भारत में एक महिला राष्ट्रपति मिली है कि बहुत महत्वपूर्ण है। मले ही उसने सबसे अच्छा राष्ट्रपति नहीं थी, इसे बहुत महत्वपूर्ण कि महिलाओं की दुनिया में सत्ता के पदों है। शायद दूसरे महिलाओं प्रतिभा पाटिल के जीवन में दिखेगे, और वे क्या कर सकते हैं देखेंगे।  

आमिर खान

आमिर खान बॉलीवुड फिल्मो मे काम करता है।  वोह एक अभिनेता है।  आमिर बचपन से फिल्मो मे काम कर रहा है , उसकी पहली फ़िल्म "यादों कि बरात" थी।, जब वह आठ साल का था।  आमिर मुम्बई मे पढ़ा हुआ था और उसके परिवार के काई लोग बॉलीवुड मे काम करते थे। आमिर का पहले प्रसिद्धि फ़िल्म "क़यामत से क़यामत तक" थी, जब वह तेइस साल का था।  आमिर हर साल एक या दो फ़िल्म मे काम करता है, और उनोहने बहुत पुरस्कार जीते है। दो हज़ार एक में आमिर ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी खोली, "आमिर खान प्रोडकशन्स" इस कंपनी कि पहली फ़िल्म, "लगान" अमरीका के पुरस्कार मे आया था लेखिन लगान हार गया।  दो हज़ार बारह मे आमिर ने अपना टी वी शो शुरू किया, जिसका नाम "सत्यमेव जयते" है।  इस शो में आमिर आम आदमी कि परेशानी बताता है।  आमिर कि दूसरी पत्नी का जाम किरण है।  आमिर के तीन बचे है, दो बच्चे उनकी पहली पत्नी, रीना, के साथ और एक बच्चा किरण के साथ।  अभी अभी आमिर दिसंबर मे "धूम तीन" मे खलनायक का चरित्र था। "धूम तीन" बॉलीवुड कि बड़ी कमाई करने वाली फ़िल्म है। फ़िल्म मे आमिर एक जादूघर है और पोलिस के खिलाफ काम करता है।

HW 8 - ए.आर.रहमान

ए.आर.रहमान भारत के बहुत बड़े संगीतकार हैं । वे बहुत अच्छे गायक, संगीत निर्माता, और वादक भी हैं ।  उनका जन्म चेन्नई में हुआ (6 जनवरी 1967 मैं) | उनके पिता जी का नाम आर.के. शेखर था और वे भी एक बड़े संगीतकार थे |  बचपन में ए.आर.रहमान अपने पिता जी के साथ कीबोर्ड बजाते थे और गाने के मामले में वे उनकी मदद करते थे । लेकिन जब वे नौ साल के हुए , उनके पिता जी की मृत्यु हो गई | कुछ पैसे कामाने के लिए, पिता जी का सारा संगीत उपकरण बेचना पड़ा ।  

जब वे ग्यारा साल के थे, उन्होंने कई संगीत वाद्ययंत्र बजाने शुरू किये । उन्होंने चेन्नई में पढ़ा और पढ़ाई वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक (Western Classical music) पर किया । फिर कुछ सालों बाद उनके गाने भारतीय फिल्मों में आने लगे (e.g. "लगान") | कुछ तमिल (e.g. "ताल") और अन्ग्रेज़ी (e.g. "सलमडॉग मिलियनेर") फ़िल्मों में भी आने लगे | इसलिये दुनिया भर में लोग ए.आर.रहमान का नाम जानते हैं । अब वे सैंतालीस साल के हैं और वे अभी भी गाने लिखते हैं और गाते हैं ।


HW. Famous Indian Person

काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम एक बड़ा बंगाली कवी और ज्ञक था। विषय मैं वह बांग्लादेश का कवी है। वह पच्छिम भारत मैं पैदा हुआ और वह एक शक्तिशाली परिवार से है।  उनिस्साउंट मैं उनका पिता जी ने गुज़रगाई। तब नाज़ुरुल दस साल कि था।  परिवार को समर्थन देना के लिए, वह काम करना सुरु किया।

जब काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम काम करना सुरु किया तब वह कविता, गाना, अभिनय, और यात्रा करना पसंद करते ते। नाजुबन मैं वोह बहुत गीत और नाटक लिका। वह संस्कृत और हिन्दू स्क्रिप्टर्स भी सिका। वह बहुत आज़ादी छठे ते आर्मी ज्वाइन किया था।  जब भारत का याददा चल रहा था तब वह एक आर्मी का सेना था।

काज़ी नाज़ुरल एक हिन्दू घर से औरत किया। वह उस नाज़ुबन औरत को बहुत प्यार करता। बहुत मुस्लिम धर्म का आदमी नाज़ुरल के लिया आलाचं किया। खूब करब बातये कि कारण उनका पत्नी मुस्लिम नहीं था।  इसलिए काज़ी धेरे धेरे एक बगी कवी बनी।  काज़ी सुन्दर सुन्दर धार्मिक गाना लेका, इस्लाम धर्मं और हिन्दू धर्मं के लिए। उन्होंने बहुत मानवसेवा भी किया।  वह कौन मूसल मन या कौन हिन्दू, यह कभी नहीं सोचा था। उनका मान मैं सब लोग सामान और सुन्दर था।

जब मैं छोटी थी, तब से मेरी घर में मैं कवी काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम कि बारे मैं सुन्ना। आपनी माँ बाप उनका गाना सुनवाए थे।  उनका गाना सुनकर मेरी उंदर मैं बहुत सन्ति होती और मैं कुछ समय पर अपने मन जल्दी से साफ करती हूँ। 

अम्रिता शेर-गिल

अमृता शेर-गिल एक बड़े भारतय कलाकार था। वह 13 जनवरी 1913 में पैदा हुआ था। वह एक पंजाबी सिख  पिता था और एक यहूदी माता था। उसकी बचपन सुख-सुविधा में बिता था क्योंकि उसकी पिता जी एक सिख का रईस और उकसी माता एक हंगरी से ओपेरा गायक था। वे उसकी दो बहने से बुडापेस्ट में रहते थे। जब उसे आठ साल कि हैं वह रंगना सीख रहा शुरू किया लेकिन तीन साल पहले से वह रंग रहा था। 1921 में उसके परिवार समर हिल, भारत में शिमला में ले जाया गया. उसकी छोटी बहन इंदिरा के साथ संगीत कार्यक्रम दे रही है और शिमला के उल्लास थिएटर में नाटकों में अभिनय कर रहे थे। 1924 में अमृता और उसकी माँ इटली में ले जाया गया था और अमृता एक कला स्कूल में नामांकित किया गया था. दो साल के बाद अमृता भारत वापस गया था। जब अमृता सोलह था वह अपनी माँ के साथ प्रशिक्षित करने के लिए एक चित्रकार होने की पेरिस गए। 1934 में वह अपने कैरियर एक कलाकार के रूप में शुरू करने के लिए भारत लौटे गए। 1937 में, वह दक्षिण भारत का दौरा किया और अजंता गुफाओं दौरा करने के बाद "स्त्री शौचालय," "ब्रह्मचारी" और "दक्षिण भारतीय ग्रामीणों, बाजार जा" रंगा था। इन चित्रों उसे सबसे प्रसिद्ध कार्य थे। कला आलोचकों सदी की सबसे महान चित्रकार के रूप में अपने स्तर पर प्रशंसित। वह 6 दिसंबर 1941 को मृतुय हो गया, लेकिन अभी भारत की सबसे बड़ी महिला कलाकार के रूप में याद किया करेंगे। 

Tuesday, February 11, 2014

संत त्यागराजा

संत त्यागराजा एक बहुत प्रसिद्ध् संगीतकार था। वह प्रसिद्ध् है क्योंकि उसने कर्नाटिक संगीत में सबसे ज़यादा गाने रचे। 

त्यागराजा ४ मई १७६७ पर पौदा हुआ, तिरुवरुर, तमिल नाडु में। बचपन में उसने अपने नाना से वीणा और कर्नाटिक संगीत सीखना शुरू किया, और उसके बाद उसने पुरंदरा दासा से संगीत सिखा। जब वह एक किशोर था उसने अपना पहला गाना रचा, "नमो नमो रागवाया"। त्यागराजा लार्ड रामा का बड़ा भक्त था, और उसके गाने के बहुमत लार्ड रामा के बारे में थे। वह सिर्फ भक्ति के वजह गाने रचते थे, और उसने कभी नहीं अपने संगीत और प्रदर्शन के लिए कुछ पैसे नहीं लिया। एक बार, तंजावुर के राजा ने त्यागराजा को बुलाया, क्योंकि वे चाहते थे कि त्यागराजा राजा के दरबार में आकर प्रदर्शन करें।  लेकिन त्यागराजा ने मना किया, और तब से उसने बहुत गाने लार्ड रामा के बारे में रचे। 

दुर्भाग्य से त्यागराजा ने अपने गाने नहीं लिखे, जब वह मंदिर में गा रहा था उसके छात्रों सुनकर ताड़ के पत्तों पर गाने लिखते थे, और कई साल के बाद ये भी खो गए। कहते है कि त्यागराजा ने २४,००० गाने रचे, लेकिन आज सिर्फ ७०० गाने जाने जाते हैं। ६ जनवरी १८४७ पर उसकी मृत्यु हो गई। 

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर बहुत अच्छे क्रिकेट बैटसमैन था. वह भारत का क्रिकेट टीम पर था और उसने चौबीस साल के लिए पेशेवर क्रिकेट खेला। वह भारत में  बहुत प्रसिद्ध हैं.
उसका जन्म चौबीस अप्रैल 1973 को मुम्बई में हुआ था. उसका माता-पिता के नाम रमेश और रजनी हैं.  उसका पिता एक प्रसिद्द मराठी उपन्यासकार है और उसका माता एक बीमा कार्यकर्ता है. और भी वह दो बड़े भाइयों, और एक बड़े बहन.  कुछ लोग कहते है कि वह एक बुली था और स्कूल में नए छात्रों के साथ लड़ा था. उसने पहेले टेनिस खेल, फिर 1984 में क्रिकेट खेलना शुरू किया।  वह बहुत अच्छा और प्रसिद्ध कोच रमाकांत अचरेकर मिलकर उसने उनका क्रिकेट एकडेमी में स्वीकार किया। उसके बाद रमाकांत सचिन को शरदशराम विद्यामंदिर हाई स्कूल भेज दिया गया क्यों कि वह स्कूल बहुत अच्छी क्रिकेट टीम थी।  हर रोज़, उसने सुबह और शाम पर बहुत अभ्यास किया था और चिल्ड प्रोडिजी बना.
1987 में, वह मुबई क्रिकेट टीम चुना और 1989 के बाद उसने मुम्बई का हिघेस्त स्कोरर बना. जैसा अस्का कैरियर प्रगति किया, उसने रंको में उठाया। उसने 16 मार्च 2012 उसका सौवां अंतरराष्ट्रीय सदी रन बनाया। 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद, सचिन निवृत्ति घोषणा किया। 

मोहनदास करमशानद गांधी

The face of Gandhi in old age—smiling, wearing glasses, and with a white sash over his right shoulder


“जियो ऐसे, जैसे कल मरना हो
सीखो ऐसे, जैसे कि हमेशा जीवित रहोगे”
-महात्मा गांधी

मोहनदास करमशानद गांधी गुजरात में  2 अक्टूबर 1869 जन्म लिया । उसने “इनर टेम्पल” लंदन में कानून पढ़े फिर दक्षिण अफ्रीका में वकील थे । 1915 में उसने भारत वापस आये और किसानों इकट्ठा किये ब्रिटिश टैक्स और भेगभाव प्रतिवाद करने  के लिए। 1921 में उसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व हुआ । वहाँ उसने  औरतें कि आधिकार, समानता, और स्वराज तरक्की किये ।  उसने बहुत हिन्दुस्तानी साल्ट सत्याग्रह पर अग्रसर किये 1930 में। 1942 में उसने “क्विट इंडिया” ब्रिटिश अभियाचे । गांधी शाकाहारी थे और धोती पहने । उसने लम्बे बार के लिए अनशन किये। उसको भारत में कुछ लोग ने “बापू” जेन थे। गांधी ने सभी परिस्थितियों में अहिंसा और सत्य का पालन किया और सभी को इनका पालन करने के लिये वकालत भी की ।
30 जनवरी 1948 महात्मा गांधी हत्या हुआ।   गांधी का हत्यारा नाथूराम गौड़से हिन्दू राष्ट्रवादी थे जिनके कट्टरपंथी हिंदु महासभा के साथ संबंध थे जिसने गांधी जी को पाकिस्तान । आज समाधी पर “हे राम!” लिखा हुआ था । महात्मा गांधी भारत का रास्ट्रपिता था और  विश्व में बहुत प्यार किया ।  








Source:

http://en.wikipedia.org/wiki/Mahatma_Gandhi

सावित्रीबाई फुले


सावित्रीबाई फुले एक महत्वपूर्ण हिंदुस्तानी औरत है। फुले प्रसिद्ध है क्योंकि वे समाज की बुराइयों से विरोध करती थी।
सावित्रीबाई फुले ३  जनवरी, १८३१ पर महाराष्ट्र में पैदा हुई।  जब वह नौ साल की थी, उसने जोतिराव फुले से शादी की।  उसके पति उसके सब से बड़ा समर्थक था और जब लोगों ने सावित्राबाई को रोकने की कोशिश किये, जोतिराव सावित्रीबाई के प्रोत्साहित किया और उसको याद दिलाया कि समाज-कार्य करनी की जरुरी थी।
मगर उसकी पत्नि क्या कर रही थी कि लोग इतने गुसे हो गये कि वे उसपर हमेशा पत्थर और गोबर फेकते थे? उस काल में, लोग सोचते थे कि औरतें  के शिक्षा उनके पति के लिए बुरा था। सावित्रीबाई भारत के सब से पहले लड़कियों के स्कूल शुरू की और इसमें, भारत के पहले शिक्षका थी।  इससे पहले, सिरफ आदमियों शिक्षक बन सकते थे। मगर फुले सोचती थी कि भारत के लिए बेहतर होगा अगर सब लोग ईमानदारी और न्याय से मनाए जाते थे। फुले के स्कूल में, किसी भी जाति की लड़कियों पढ़ सकती थी।

उसने विधवाओं और दलितों के लिए भी वकालत की क्योंकि उनलोग संग-साथ के निर्वासित हैं।  और जब प्लेग पुणे को आया, सावित्रीबाई फुले ने बीमार लोगों की मदद की।  जिस समय में वह एक छोटे बच्चे के देख़-बाल कर  रही थी, वह भी प्लेग पकड़ी। १० मार्च १८९७ पर प्लेग से सावित्रीबाई फुले की मृत्यु हो गयी।   

अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन भारत का एक बहुत मशहूर अभिनेता है। वह 11 अक्टूबर 1942 में इलाहबाद में पैदा हुअ। उसके पिता हरिवंश राइ बच्चन था, और उसकी माँ तेजी बच्चन थी। हरिवंश एक कवी था। अमिताभ का पहला असली नाम "इंक़लाब श्रीवास्तव" था, लेकिन कवी सुमित्रानंदन पंत का सलाह लेकर हरिवंश ने उसका नाम बदलकर "अमिताभ" बनाया। जब अमिताभ फिमों में अभिनय शुरू करने लगा, उसने अपना कुलनाम को "श्रीवास्तव" से "बच्चन" बदलकर रखा। अमिताभ की बीवी अभिनेत्री जाया बच्चन है, और उनके दो बच्चे है, अभिषेक और ष्वेत। अभिषेक भी एक अभिनेता है, और उसकी बीवी अभिनेत्री ऐश्वर्या राइ है। अमिताभ का पहला फ़िल्म "सात हिंदुस्तानी" था, जो 1969 में निकली। उसकी 1973 की फ़िल्म “ज़ंजीर” के बाद अमिताभ को बॉलीवुड में बहुत मशूर बन गए, और लोग उसको "बॉलीवुड का नाराज़ जवान आदमी" कहने लगे। 1975 में अमिताभ कि फ़िल्म "शोले" निकली। शोले भारत की सबसे मशूर फ़िल्म है। 1992 में "खुडा गवाह" फ़िल्म के बाद अमिताभ सेवानिवृत्ति में चले गए और 1996 में एक निर्माता कंपनी बनाया, "अमिताभ बच्चन कॉरपरेशन"। 2000 में कह "मोहब्बतें" फ़िल्म में अभिनय करने वापिस लगे, और वह फिर से मशूर बना और उस का नाम का आदर और ज़यादा बड़ने लगा। आज तक अमिताभ बच्चन एक सौ अस्सी से ज़यादा फिल्मों में अभिनय किया, और उसको बहुत सारे अधिनिर्णये मिला।

गांधी जी

महात्मा गांधी दो अक्टूबर 1869 का जन्म हुआ. गांधी जी ने पोरबंदर में रहते थे. वह तेरह थी, जब वह एक चौदह साल की लड़की से शादी की थी. वह बहुत छोटा था. गांधी और उनकी पत्नी चार बेटे थे. गांधी लंदन में कानून की पढ़ाई. उसने मांस नहीं खाया और शराब नहीं पिया। वह पढ़ाई समाप्त होने पर, उसकी माँ की मृत्यु हो गई. वह दक्षिण अफ्रीका लिए चला गया जब गांधी चौबीस था. दक्षिण अफ्रीका में भेदभाव का एक बहुत था. वह सामाजिक सक्रियता में रुचि हो गया. भारतीयों के खिलाफ नस्लवाद था. 1915 में, गांधी भारत वापस आए. 1920 में वह कांग्रेस के नेता थे. गांधी अहिंसा में विश्वास। उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों के साथ बहुत लोकप्रिय था. उन्होंने कहा कि ब्रिटिश निर्मित माल का बहिष्कार। वह सभी भारतीयों खादी पहनना चाहती थी. गांधी के नमक सत्याग्रह शुरू करके एक नमक मार्च था. वह नमक खुद बनाना चाहते थे. विश्व युद्ध 2 के दौरान, गांधी मलेरिया से बीमार हो गया. गाँधी ने भारत और पाकिस्तान के पार्टीशन नहीं चाहते थे. वह हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धार्मिक एकता चाहता था. लेकिन ऐसा हुआ. भारत स्वतंत्र पंद्रह अगस्त 1947 बन गया. गांधी जनवरी 1948 तीस मार डाला था. भारत में हर कोई बहुत उदास था. 

अमिताभ बचन



अमिताभ बचन भारत में सबसे बड़ा अभिनेता मन जाता हैं ।  उनके जनम 11 अक्टूबर 1942 अल्लाहाबाद, उत्तर प्रदेश में थे. उनके पिताजी एक कवि थे और उनके माँ घर में कम करते थे. अमिताभ जी का एक छोटे भाई हैं. उनके पहले फ़िल्म का नाम था "सात हिंदुस्तानी" जो 1969 में निकले। जो फ़िल्म उनके ज़िन्दगी बदल दी वोह था "ज़ंजीर" जिस में वोह एक पुलिस अधिकारी थे. अमिताभ जी बहुत सालो से बहुत फिल्मे बनाये। उन्होंने चालीस साल से ऊपर एक सौ अस्सी फिल्मे कर चुके हैं. उनके सबसे मशहूर फिल्मे "दीवार", "शोले", "डॉन", "सिलसिला", "अग्निपथ", और "ब्लैक" मन जाते हैं. उनको बहुत पुरुस्कार मिला हैं उनका काम के लिए, जैसे के तीन नेशनल अवार्ड्स और फिल्म्फ़रे अवार्ड्स। अमिताभ जाया बड़हरी से शादी किया 1975 में. वोह भी एक अभिनेत्री थे जिसने अमिताभ के साथ बहुत फिल्मे किये। उनके दोह बच्चे हैं, अभिषेक और श्वेता। अमिताभ बचन 1990s में इतने काम नहीं कि. लेकिन 1990 वोह बहुत फिल्मे फिर से करने लगे. 2000 में अमिताभ एक टेलीविज़न का होस्ट बन गए, "कौन बनेगा क्रोरेपति" जो आज तक ही चल रहा हैं. भारतीय लोग अमिताभ बचन से बहुत प्यार करते हैं. उनको बहुत इज़ात करते और भारत के सबसे बर कलाकार मन जाता हैं.

Sunday, February 9, 2014

राजा राम मोहन रॉय

     राजा राम मोहन रॉय बाईस मई सत्रह सौ बहत्तर में पैदा  हुए थे और उनकी मौत सताईस सप्तम्बर अठारह सौ तैंतीस में हुई थी। वह एक बहुत महशूर बंगाली शैक्षिक, धार्मिक, और सामाजिक सुधारक थे। कुछ लोग उनको आधुनिक भारत के पिता कहते हैं। वे बहुत होशियार थे।  उनको संस्कृत, फ़ारसी, अंग्रेजी, अरबी, यूनानी, और लैटिन भी जानते थे।  वे महशूर हुए थे क्योंकि उन्होंने बहुत मेहनत की थी कि उनका देश आधुनिक हो सके अपनी परंपरा और संस्कृति को नष्ट किये बिना।   एक महान चीज़ जो उन्होंने की वह यह थी कि उन्होंने अंग्रेज़ी के स्कूल स्थापित किये ताकि हिन्दुस्तानी छात्र अंग्रेजी, विज्ञान, मेडिसिन, और टैक्नोलजी सीख सके।  इस की वजह से और भारीतय लोग सरकार में हिस्सा ले सके क्योंकि उन दिनों में भारत में ब्रिटिश राज था। एक सामाजिक सुधार जो उन्होंने किया वह सती का उन्मूलन था। वे महिलाओं के अधिकार के बारे में आवेशपूर्ण थे क्योंकि उनकी भाभी सती की रस्म में निधन हुई।  उसके जीवन का एक आकर्षक पहलू था कि वे ईस्ट इंडिया कम्पनी में नौकरी करते थे और उसी समय मुग़ल बादशाह के राजदूत भी थे। वे पूरी दुनिया घूमते थे और सीखते थे ताकि नए विचार मिल सके भारत का सुधार करने के लिए। बृटेन का दौरा करते समय मैनिंजाइटिस से उनकी मृत्यु बरिस्टोल में हुई।