मेरी ज़िन्दगी की सबसे अच्छी दिन नवम्बर २००९ को हुई थि। सात नवम्बर एक शनिवार था। मैं खरीब नौ बजे को उठा और निचे गया। मेरें माता - पिता नाश्ता कर रहे थें और मेरा छोटा भाई सो रहा था। मैं नाश्ता कर के मैं मेरा कुत्ता को बार लेगया। मेरा कुत्ता का नाम तेज है , उसको बार खेलना बहुत अच्छा लगता है। तभी एसा लगा के ये एक साधारण शनिवार था। एस नहीं लगा के कुछ खास होने वाला था। जब मैं तेज को अन्दर लेके आया तब मेरी माँ ने मुस्कराकर मुझे एक पत्र दिया। मेरे पिता कैमरा लेकर तैयार थे। मुझे पता नहीं था के पत्र में क्या होगा। मैंने धीरे से खोला और कागज़ को पड़ा। मैं पढकर हसने लगा क्यों की मुझे युनिवेर्सिटी उफ मिशिगन में प्रवेश मिल गया था। उस दिन मैं बहुत खुश था क्यों की मैं ये पत्र का इंतेज़ार कर रहा था। मुझे को ये युनिवेर्सिटी आने की बहुत इच्छा थी। पत्र पढने के बाद मैंने भारत फोन किया क्यों की मुझे मेरे नाना और नानी को खबर बताना था। वह भी बहुत खुश थे। मैं ये दिन कभी नहीं भूलूंगा। चार साल हो गयां हैं और मुझे अभी भी ये दिन याद है जैसे ये कल हुआ था।
Sunday, October 20, 2013
Nikhil's Happiest Day-HW 11
मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन 2011 में मेरा जन्मदिन था. वह मेरे अठारहवें जन्मदिन था और शुक्रवार को था. भी मैं ने उस दिन मेरे मिशिगन का अक्सेप्तंस ईमेल मिला. मैं अभी भी स्कूल जाने के लिए किया था, लेकिन मैं उस बारे में दुख नहीं था. मेरे माता पिता ने मुझे उठा दिया और फिर उन्होने मुझे मेरे उपहार दिया। मेरे भाई ने भी मैं स्कूल के लिए जाने से पहले उठकर मुझे उपहार दिया। माता पिता मुझे मिशिगन का कपडे और नए बास्केटबॉल के लिए जूते दिये और बहुत पैसे दिये । भाई मुझे नए विडियो गेम दिए, लेकिन उसने मिला गया क्यों की वह इसे खेलना चाहता था। स्कूल में, मेरे दोस्तों मुझे मेरे जन्मदिन के लिए मुझे कामना की. क्लास में बहुत कुछ काम नहीं किया । मैं बहुत खुश था क्यों की मेरा जन्मदिन पर काम करना चाहता नहीं। और क्यों की वहाँ मेरे जन्मदिन था, मैंने अस्वास्थ्यकर खाना खाया। वह बहुत अच्छा था. स्कूल के बाद, मेरा बास्केटबॉल का अभ्यास था। मैं बास्केटबॉल प्यार हैं और अभ्यास मज़ा था। अभ्यास के बाद मैं मेरे परिवार के साथ रात का खान गए। हम बहुत अच्छा और बहुत महंगा रेस्टोरेंट गया. फिर, रात में, मैं जानता था की मैं और मेरे दोस्त मिशिगन का अक्सेप्तंस ईमेल मिलेगा। इंतज़ार के बाद, आठ बजे में, मेरा मिला. मेरे दोस्तों भी स्वीकार कर गया. उस रात, मेरी सहेकी उसका घर एक पार्टी थी और बहुत से लोहो को चला गया। पार्टी बहुत अच्छा था और मैं मज़ा था. दिन के अंत में, मैं बहुत खुश था क्यों की मैं अठारा साल का हूँ और अंत में एक वयस्क था।
Saturday, October 19, 2013
Supriya J- HW 11- मेरा सब्सी ख़ुशी का दिन
छे साल पहले, जब मैं चौदह साल की थी, मेरे परिवार ने हमारे लिए एक कुत्ता लाया। मुझे बहुत साल से एक पालतू पशु चाहिए था और मैं सोच रही थी कि, 'मैं इसी दिन का इंतजार कर रही थी और मुझे मेरे लिए एक पालतू कुत्ता चाहिए था।
एक दिन, जब मैंने माँ और पिता जी से बहुत बार इस बारे में बात की, तब पिता जी तयार हो गए, कुत्ते लेने के लिए। मैं पिता जी के साथ तिन घंटे में गाड़ी से 'हैल, मिशिगन' में पोहुंची। यह बहुत छोटा गाव है।
वहां, हमने एक छोटे घर में पोहुंचे और दरवाजा के सामने दो छोटे कुत्ते आए। जब मैं कुत्ते को देखि, मैं बहुत खुश हो गई। कुछ समय के लिए, मैंने दोनो कुत्ते से खेली।
वे सोने के रंग के थे और अच्छे से दौड़कर खेल रहे थे। दोनों कुत्ते में मुझे छोटा कुत्ता ज्यादा पसंद था। कुछ समय के बाद, हमने छोटे कुत्ते के लेने का फैसला किया।
जब हम घर पोहुंचा, तब हम कुत्ते के लिए कुछ नए खाने और पीने के कटोरे ख़रीदे और इस लिए बिस्तर ख़रीदा। फिर, कुत्ता का नाम का फैसला करना था। कुत्ता का नाम, 'लिली', रखा।
मेरा छोटा कुत्ता देखकर मेरा छोटा भाई भी बोहुत खुश हो गया। उसने तुरंत कुत्ते से बांग में दौ लगा।
इस दिन मेरे परिवार के लिए बहुत अच्छा और ख़ुशी का दिन था, और मैं इस दिन नहीं भूल सकती हूँ। अब भी लिली मेरा परिवार का सबसे प्यारी पशु है।
एक दिन, जब मैंने माँ और पिता जी से बहुत बार इस बारे में बात की, तब पिता जी तयार हो गए, कुत्ते लेने के लिए। मैं पिता जी के साथ तिन घंटे में गाड़ी से 'हैल, मिशिगन' में पोहुंची। यह बहुत छोटा गाव है।
वहां, हमने एक छोटे घर में पोहुंचे और दरवाजा के सामने दो छोटे कुत्ते आए। जब मैं कुत्ते को देखि, मैं बहुत खुश हो गई। कुछ समय के लिए, मैंने दोनो कुत्ते से खेली।
वे सोने के रंग के थे और अच्छे से दौड़कर खेल रहे थे। दोनों कुत्ते में मुझे छोटा कुत्ता ज्यादा पसंद था। कुछ समय के बाद, हमने छोटे कुत्ते के लेने का फैसला किया।
जब हम घर पोहुंचा, तब हम कुत्ते के लिए कुछ नए खाने और पीने के कटोरे ख़रीदे और इस लिए बिस्तर ख़रीदा। फिर, कुत्ता का नाम का फैसला करना था। कुत्ता का नाम, 'लिली', रखा।
मेरा छोटा कुत्ता देखकर मेरा छोटा भाई भी बोहुत खुश हो गया। उसने तुरंत कुत्ते से बांग में दौ लगा।
इस दिन मेरे परिवार के लिए बहुत अच्छा और ख़ुशी का दिन था, और मैं इस दिन नहीं भूल सकती हूँ। अब भी लिली मेरा परिवार का सबसे प्यारी पशु है।
Amelia's Happiest Day Ever
मैं बहुत भाग्यशाली हूँ, क्योंकि मैनें बहुत खुश दिनों का अनुभव किया। लेकन, मैं एक दिन चुनाव तो करती थी, मैं दिनों में से एक श्रीलंका में था चुनना होगा। मेरी खुशी का दिन वहाँ पिछले दिनों में से एक था। मेरा दोस्तों और मैं हमारे स्वयंसेवक घर में सुबह उठा, और अपने बैग पैक। यह श्रीलंका में हमारे पिछले सप्ताहांत था, इसलिए हम एक विशेष यात्रा पर जाना चाहता था। वहाँ समूह में लगभग बीस लोग थे, और हम सब साथ सप्ताहांत यात्रा की योजना बनाई थी। हम लगभग बीस मील दूर हिक्कादुवा नाम के एक शहर के लिए बस ले जाने का फैसला। बस बहुत भीड़ होकर मुख्य सड़क हमें ले लिया गया था। हम हमारे होटल को प्राप्त करने के लिए थोड़ी देर के लिए चल पड़कर लेकिन हम होटल मिला है, हम बहुत खुश थे। हमारे होटल नीले सागर विला नाम दिया है, और यह सीधे समुद्र तट पर किया गया था। इतने सारे लोगों को समुद्र तट पर खेल रहे थे, समुद्र में तैराकी, और मज़ा आ रहा हैं। हम समुद्र तट पर चला गया तैराकी चला गया, और कई दुकानों के पास गया। दुकानों में बिक्री के लिए इतने सारे सुंदर बातें थी। मैं एक बहुत दयालु महिला से एक सुंदर हरे रंग की रेशमी पोशाक खरीदी। सूर्यास्त के समय, हम सब समुद्र तट पर एक रेस्तरां के पास गया और रात का खाना खाया। हम बहुत देर तक, बात की पिया, खा लिया, और हँसे। रात के खाने के बाद, हम सभी रात समुद्र तट पर बैठ गया और सूर्योदय तक बात की। यह मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन था। मैं हर दिन अपने दोस्तों और श्रीलंका को याद हूँ।
Friday, October 18, 2013
Nusrat's Best Day Ever
मेरी ज़िन्दगी की सबसे अच्छे दिन मामूली दिन थी। यह दिन ग्यारह मार्च 2013 था। इस दिन स्प्रिंग ब्रेकके के बाद पहला दिन था। में सुबह नौ बजे आया था क्यूँ की मेरी क्लास ग्यारह बजे शुरू हुई थी। मेरी जो दोह सहेलियों के साथ में रहती हूँ, वोह दस बजे आये मेरी और दो दोस्तों के साथ। वो दोनों सिर्फ कुछ समे के लिए आये थे। उनके नाम इमरान हम ने मज़ेदार बाते की और बहुत हँसी। फिर जब मेरी दो सहेलियां वापस आयी हम फिर बाते कि. मैं आपने चार बजे के क्लास पर नहीं गयीं और शुहाग और इमरान भी जो कम ता वोह भी नहीं हो पाए। यह दिन मेरे लिए बहुत यादगार हैं क्यों की इस दिन से हम पांच बहुत अच्छे दोस्त बन गये. हम रोज़ बाते करते हैं और जब मौका मिले हम एक साथ हो जाते हैं। मुझे बहुत जल्दी दोस्त बनाना आदत नहीं हैं और जब मैं बना थी हूँ तो मैं अपनी जान दे सक थी हूँ अपने दोस्त के लिये. और शुहाग हैं। हम सब थोड़े समे के लिए आराम किया और बाते की। फिर जब ग्यारा बाज गया मैंने सोचा क्यूँ न मैं एक दिन क्लास नहीं जाती। मैंने यह कभी नहीं किय. फिर मैं अपनी हिंदी क्लास पे नहीं गयी। मेरे दोस्तों ने मुझे कहाँ के वे लोग तो रोज़ नहीं आते हैं और मुझे एक दिन न जाने कोई फरक नहीं पड़ेगा। मैंने कहाँ चलो टीक हैं, जब वोह दोनों चले जाएँगे फिर में अपने चार बजे की क्लास पर जाऊंगी। लेकिन मैं नहीं चाहती थी की वोह दोनों चले जाते. मेरी दो सहेलियों अपने काम पर चले गए और मैं अकेला इन दोनों के साथ रह गयी।
मैं कभी इन दोनों के साथ अकेले नहीं रही. मैं बहुत शर्मिंदा हूँ और मुझे वक़्त लगती हैं खोल के बात करना। हम तीनो खाने के लिए गये और हम बहुत बाते किय.
मैं कभी इन दोनों के साथ अकेले नहीं रही. मैं बहुत शर्मिंदा हूँ और मुझे वक़्त लगती हैं खोल के बात करना। हम तीनो खाने के लिए गये और हम बहुत बाते किय.
Wednesday, October 9, 2013
Typing Hindi
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