Wednesday, February 26, 2014

Ayesha aur Shruthi ki pareeksha

Shruthi and Ayesha's Hindi 216 Midterm Oral Exam.

Supriya Oral Exam Midterm

Supriya Oral Exam Midterm

Hindi 216 Midterm

North Quad doesn't have hot water!

Kartik and Twani Oral exam


Nusrat & Rohan A. Oral Midterm

ASIANLAN 216

Hindi Midterm - David and Andrew


Hindi Midterm Speaking

Aishwarya Dhume
Ankita Ajjampur

Oral Exam, Nikhil and Amelia

Nusrat and Rohan A. Oral Midterm


Namun and Rohan M Midterm Oral

Thursday, February 13, 2014

Buddha

Aurora ANEESHA.K
I will write about the Buddha. Buddha was very well known. And nowadays it is famous. Made by Buddha Buddhism. Buddhism is a religion and religion. Buddha's real name was Siddharthaa. The childhood I had money. His father was King and he lived in the palace. When Siddharthaa moved out of the palace, so he had all the poor, sick, and old people looked at. He was very angry and he will run from the castle. Then he left everything - his family, wife, survivors .. Everything. She does not eat food and wear clothes. He just did meditation. , and then one day he Siddharthaa made ​​by the Buddha. Buddha asked him eat at home all day. And all the people he told ode. He wanted all the people that listen to him. And then he will become Buddhists. Buddha had not drank some wine. He did not do anything wrong. He was so cute. 40 years after the Buddha's death. Buddhism is very old but still very much people follow religion. Buddha is a very important figure. And people like the Buddha statue is the smallest in the house.

Gandhiji

मोहनदास करमचंद गांधी का जनम २ अक्टूबर १८६९ में, पोरबंदर नाम के एक शहर  में हुआ। उनके माता-पिता का नाम पुतलीबाई और करमचंद गांधी थ। जब वह १३ साल के थे, उनका विवाह कस्तूरबाई माखनजी से हुआ और १८८८ में वह इंग्लंड चले गये अपनी पढाई  पूरी करने के लिये । जब वह २४ साल के थे, गांधीजी साउथ अफ्रीका चले गये एक कंपनी के साथ काम करने के लिये । वहा उन्होंने बहुत सारा अन्याय हिंदुस्तानी लोगो के खिलाफ देखा और सहन किया जिसके वजह से उनकी सोच बहुत बदल गई और भारत जाने  के बाद वह आजादी कि  आंदोलन में हिस्सा ले सके । 
१९२० में गांधीजी ने यह घोषणा की कि वह अपना आंदोलन अहिंसा के साथ करेंगे और अंग्रेजो को इसी तरह भारत से भगा देंगे। १९३० में उन्होंने डांडी मार्च की जब वह खुद अहमदाबाद से डांडी चल कर गए । आज़ादी के वक़्त, गांधीजी भारत और पाकिस्तान के बटवारे के खिलाफ थे मगर उसे रोक नही पाये । आज़ादी के बाद, गांधीजी कि मृत्यु ३० जन्वरी १९४८ में हुई और उनके आखरी शब्द थे "हे राम"। आज वह बापू के नाम से भि पुकारे जाते हैं। इनकी समाधी अब दिल्ली के राज घाट में रखी हैं । 

Wednesday, February 12, 2014

Ghandi Ji

महात्मा घंडि भारत के बहुत महत्वपूर्ण आदमी थे। वोह भारत कि आजादी के लिए लड़ थे थें। लेकिन वोह कभी हिंसा नहीं इस्तेमाल करते थे।  २ उक्टूबर १८६९ में उनका जनम हुआ। उनका जनम पोरबंदर गुजरात में हुआ था। जब वो तेरा साल के थे टब उनका शादी हो गया। उनके पत्नी का नाम कस्तूरबा था और वोह चौड़े साल कि थी जब शादी हुआ। घंडीजी और कस्तूरबा हे पांच लड़के थे। उनका पहला लड़का का मृत्यु हो गयी जब वोह सिर्फ दो या तीन  दिन का था। घंडि जी पद कर एक वकील बना। घंडि जी ने लंदन में पढ़ाई कि। उसके बाद घंडि जी वापस भारत गए और एक साल के लिए काम किया। फिर उनको अफ्रीका में काम मिला और वोह सौथ अफ्रीका गये। यहाँ घंडि जी ने बहुत ख़राब नागरिका अधिकारी देखि और उनक नहीं अच्छा लगा। अफ्रीका में घंडि जी ने सिखा के अन्याय के साथ लड़ने के लिए हिंसा नहीं जरुरत है। यह सुब सिख के घंडि जी वापस भारत गये  और भारतीय आजादी के लिए लड़ने लगे। घंडि जी ने कांग्रेस में काम करने लगे। घंडि जी ने भारत का आजादी घोसन किया और उसके लिए उनको जेल भिजवाया गया। जितने भी समस्या आये घंडि जी ने हर बार हिंसा के बिना समस्या को हटाया इसलिए लोग उनको भारत के पिता बुला थे हैं।

Sting: A Biography of a Great Man

स्टिंग, जिसका अस्कली नाम गॉर्डोन सुमनेर है, एक अंग्रेज़ी गायक है। उनको जन्म 2 अक्टूबर 1951 को हुआ था।  वह वॉलसेंड, इंग्लैंड, में था, एक इंग्लैंड के उत्तर में एक पुराना शहर था।  उसका पिटा जी एक दूधवाला और एक इंजीनियर था।  स्टिंग के पिटा उस से बहुत महत्वपूर्ण था।  स्टिंग का परिवार में तीन बहन और भाई।  स्टिंग संत कठबेर्ट्स में पढ़ने के लिए भरती किया उसके बाद स्टिंग एक शिक्षक बन गया,और वह दो साल के लिए एक शिक्षक के रूप में काम किया।  स्टिंग रात में जैज बैंड में बजाता था. कब स्टिंग जैज़ बैंड में बजाता था, लोग ने उसको "स्टिंग" पुकारा क्योंकि उसका स्वेटर पिले  और काले रंग की था।  1977 में स्टिंग और दो और आदमी बैंड बनाया, और उसका नाम "थे पुलीस " था।   उनका पहले एलबम "आउटलैंडस  डैमोर" कहा जाता था और इस 1978 में निकला।  स्टिंग और "थे पुलीस " के पास पांच एल्बम था, और वे आठ साल के लिए एक बैंड थे।  उसके बाद, स्टिंग " थे पुलीस" को छोड़ा, और वह अपने आप  के संगीत बनाने शुरू किया। उसके बाद से वह ग्यारह एल्बम जारी।  वह दसियों एलबम के लाखों बेच दिया है।  वह भी कई पुरस्कार जीते है।  स्टिंग अभी भी संगीत बनाता है, और हाल ही में उनका एलबम 2013 में जारी किया गया था।