महात्मा घंडि भारत के बहुत महत्वपूर्ण आदमी थे। वोह भारत कि आजादी के लिए लड़ थे थें। लेकिन वोह कभी हिंसा नहीं इस्तेमाल करते थे। २ उक्टूबर १८६९ में उनका जनम हुआ। उनका जनम पोरबंदर गुजरात में हुआ था। जब वो तेरा साल के थे टब उनका शादी हो गया। उनके पत्नी का नाम कस्तूरबा था और वोह चौड़े साल कि थी जब शादी हुआ। घंडीजी और कस्तूरबा हे पांच लड़के थे। उनका पहला लड़का का मृत्यु हो गयी जब वोह सिर्फ दो या तीन दिन का था। घंडि जी पद कर एक वकील बना। घंडि जी ने लंदन में पढ़ाई कि। उसके बाद घंडि जी वापस भारत गए और एक साल के लिए काम किया। फिर उनको अफ्रीका में काम मिला और वोह सौथ अफ्रीका गये। यहाँ घंडि जी ने बहुत ख़राब नागरिका अधिकारी देखि और उनक नहीं अच्छा लगा। अफ्रीका में घंडि जी ने सिखा के अन्याय के साथ लड़ने के लिए हिंसा नहीं जरुरत है। यह सुब सिख के घंडि जी वापस भारत गये और भारतीय आजादी के लिए लड़ने लगे। घंडि जी ने कांग्रेस में काम करने लगे। घंडि जी ने भारत का आजादी घोसन किया और उसके लिए उनको जेल भिजवाया गया। जितने भी समस्या आये घंडि जी ने हर बार हिंसा के बिना समस्या को हटाया इसलिए लोग उनको भारत के पिता बुला थे हैं।
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