झुम्पा लाहिरी एक बड़ी और बहुत प्रसिद्द लेखिका है। उसने बहुत सारे किताबे, उपन्यास, लेख और निबंध लिखा है।
झुमप लाहिरी सैंतालीस साल की औरत है। वह ११ जुलाई १९६७ पर पैदा हुई। वह लन्दन, इंगलैंड में पैदा हुई।
उसके मॉं-बाप भारत से इंगलैंड आए थे, उसके जनम के पहले। जब लाहिरी तीन साल कि थी, वह माँ-बाप के साथ रोड आइलैंड गई। लाहिरी का बचपन रोड आइलैंड में था। लाहिरी एक बंगाली - अमरीकन लेखिका है। वह भारतीय लोग के बारे में लिखती है।
लाहिरी न्यू यॉर्क, अमरीका में कालेज गई। उसने बर्नार्ड कालेज में इंग्लिश पढ़ा।
उसके बाद, लाहिरी ने इंग्लिश में M.A. किया और बोस्टन विश्वविद्यालय में 'रेनेसांस स्टडीस में P.H.D. किया।
लाहिरी ने बहुत सारे अच्छे कहानियां लिखा हैं। वह किताबे में वे लोग भारत से अमरीका या इंगलैंड आते है, उसके बारे में लिखता है।
लाहिरी का सबसे पहला किताब, 'इंटरप्रीटर ऑफ मलीडीस' को 'पुलित्ज़र पुरुस्कार मिला। यह पुरुस्कार बहुत सम्मान्य है।
इस किताब में बहुत छोटे छोटे कहानियां है। इसके बाद, लाहिरी ने पेहेले से एक उपन्यास लिखा। इसका नाम 'नैमसेक' था।
यह उपन्यास भी बहुत प्रसिद्ध हुआ। नैमसेक पर एक अच्छी फ़िल्म आई थी।
झुम्पा लाहिरी ने अब तक तेरह पुरुस्कार मिले है। वह 'प्रेसिडेंट्स कमइसोंन ऑफ़ आर्ट्स एंड हुमांईटीएस' का सदस्य है।
२००१ में, लाहिरी ने अल्बर्टो वॉरवॉलिओस से शादी कि। उनको दो बच्चे है। एक नौ साल का बीटा और एक छे साल कि लड़की।
लाहिरी आज कल भी लिखता है। उसका सबसे नई किताब का नाम 'लोलैंडस' है।
लाहिरी इस देश का बहुत बड़ी और सफल लेखिका है। उसके बहुत सरे पुरुस्कार है, लेकिन वह सीदा जीवन जीती है।
भविष्य में वह अमरीका या इंगलैंड में रहने वाले भारतीय लोग के बारे में और महान कहानियां लिखेंगी।
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