काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम एक बड़ा बंगाली कवी और ज्ञक था। विषय मैं वह बांग्लादेश का कवी है। वह पच्छिम भारत मैं पैदा हुआ और वह एक शक्तिशाली परिवार से है। उनिस्साउंट मैं उनका पिता जी ने गुज़रगाई। तब नाज़ुरुल दस साल कि था। परिवार को समर्थन देना के लिए, वह काम करना सुरु किया।
जब काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम काम करना सुरु किया तब वह कविता, गाना, अभिनय, और यात्रा करना पसंद करते ते। नाजुबन मैं वोह बहुत गीत और नाटक लिका। वह संस्कृत और हिन्दू स्क्रिप्टर्स भी सिका। वह बहुत आज़ादी छठे ते आर्मी ज्वाइन किया था। जब भारत का याददा चल रहा था तब वह एक आर्मी का सेना था।
काज़ी नाज़ुरल एक हिन्दू घर से औरत किया। वह उस नाज़ुबन औरत को बहुत प्यार करता। बहुत मुस्लिम धर्म का आदमी नाज़ुरल के लिया आलाचं किया। खूब करब बातये कि कारण उनका पत्नी मुस्लिम नहीं था। इसलिए काज़ी धेरे धेरे एक बगी कवी बनी। काज़ी सुन्दर सुन्दर धार्मिक गाना लेका, इस्लाम धर्मं और हिन्दू धर्मं के लिए। उन्होंने बहुत मानवसेवा भी किया। वह कौन मूसल मन या कौन हिन्दू, यह कभी नहीं सोचा था। उनका मान मैं सब लोग सामान और सुन्दर था।
जब मैं छोटी थी, तब से मेरी घर में मैं कवी काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम कि बारे मैं सुन्ना। आपनी माँ बाप उनका गाना सुनवाए थे। उनका गाना सुनकर मेरी उंदर मैं बहुत सन्ति होती और मैं कुछ समय पर अपने मन जल्दी से साफ करती हूँ।
जब काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम काम करना सुरु किया तब वह कविता, गाना, अभिनय, और यात्रा करना पसंद करते ते। नाजुबन मैं वोह बहुत गीत और नाटक लिका। वह संस्कृत और हिन्दू स्क्रिप्टर्स भी सिका। वह बहुत आज़ादी छठे ते आर्मी ज्वाइन किया था। जब भारत का याददा चल रहा था तब वह एक आर्मी का सेना था।
काज़ी नाज़ुरल एक हिन्दू घर से औरत किया। वह उस नाज़ुबन औरत को बहुत प्यार करता। बहुत मुस्लिम धर्म का आदमी नाज़ुरल के लिया आलाचं किया। खूब करब बातये कि कारण उनका पत्नी मुस्लिम नहीं था। इसलिए काज़ी धेरे धेरे एक बगी कवी बनी। काज़ी सुन्दर सुन्दर धार्मिक गाना लेका, इस्लाम धर्मं और हिन्दू धर्मं के लिए। उन्होंने बहुत मानवसेवा भी किया। वह कौन मूसल मन या कौन हिन्दू, यह कभी नहीं सोचा था। उनका मान मैं सब लोग सामान और सुन्दर था।
जब मैं छोटी थी, तब से मेरी घर में मैं कवी काज़ी नाज़ुरुल इस्लाम कि बारे मैं सुन्ना। आपनी माँ बाप उनका गाना सुनवाए थे। उनका गाना सुनकर मेरी उंदर मैं बहुत सन्ति होती और मैं कुछ समय पर अपने मन जल्दी से साफ करती हूँ।
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