Thursday, February 13, 2014

Gandhiji

मोहनदास करमचंद गांधी का जनम अक्टूबर १८६९ में, पोरबंदर नाम के एक शहर  में हुआ। उनके माता-पिता का नाम पुतलीबाई और करमचंद गांधी थ। जब वह १३ साल के थे, उनका विवाह कस्तूरबाई माखनजी से हुआ और १८८८ में वह इंग्लंड चले गये अपनी पढाई  पूरी करने के लिये जब वह २४ साल के थे, गांधीजी साउथ अफ्रीका चले गये एक कंपनी के साथ काम करने के लिये वहा उन्होंने बहुत सारा अन्याय हिंदुस्तानी लोगो के खिलाफ देखा और सहन किया जिसके वजह से उनकी सोच बहुत बदल गई और भारत जाने  के बाद वह आजादी कि  आंदोलन में हिस्सा ले सके  
१९२० में गांधीजी ने यह घोषणा की कि वह अपना आंदोलन अहिंसा के साथ करेंगे और अंग्रेजो को इसी तरह भारत से भगा देंगे। १९३० में उन्होंने डांडी मार्च की जब वह खुद अहमदाबाद से डांडी चल कर गए । आज़ादी के वक़्त, गांधीजी भारत और पाकिस्तान के बटवारे के खिलाफ थे मगर उसे रोक नही पाये । आज़ादी के बाद, गांधीजी कि मृत्यु ३० जन्वरी १९४८ में हुई और उनके आखरी शब्द थे "हे राम"। आज वह बापू के नाम से भि पुकारे जाते हैं। इनकी समाधी अब दिल्ली के राज घाट में रखी हैं । 

No comments:

Post a Comment