Thursday, October 31, 2013

Nusrat: अगर मैं भारत जाऊ



अगर मैं भारत जाऊ तोह मुझे शायद पहले अपने परिवार को मिलूंगी। मैं भारत दोह बार जा चूकी हूँ और दोह बार मैं सिर्फ शिलोंग और होजाई गयी थी। यह दोनों जगे असम में हैं। होजाई पर मेरे नानी, मामा-ममी, और मौसी-मौसा हैं। शिलोंग में मेरे एक और मौसी और मौसा हैं। इन दोनों जगे मुझे बहुत पसंद हैं क्यों कि एक छोटी शहर हैं और एक पहड़ी पर हैं। लेकिन मैं भारत अकेली जाती तोह में सरे भारत देख न छाती हूँ। मुझे पंजाब, कश्मीर, और डेल्ही जाना हैं। मुझे पंजाब दिलचस्त लगती हैं। मैंने सुन्ना कि उनके खाने बौहत अच्छे हैं। मैं अमृतसर देख न चाहती हूँ और हरमिंदर साहिब जाना चाहती हूँ। वोह एक सुन्दर ईमारत हैं और मैं हमेशा दुसरे धर्मों के बारे में सीक न चाहती हूँ। मुझे लगता हैं के पंजाबी लोग बहुट मज़ा करते हैं खास कर जब कोई त्यौहार हो जैसे के होली या लोदी।  मैं कश्मीर जाऊंगी  क्यों कि वोह एक कमल कि जगा हैं। बौहत सरे पहाड़ो हैं और जब बर्फ पार्टी हैं तोह और भी सुन्दर लगती हैं। मैं डेल्ही जाना चाहती हूँ क्यों कि वोह इतनी पुराने और ऐतिहासिक जगा हैं। मुझे इतिहास पसंद हैं और भारत कि सबसे ख़ास जगा जहाँ इतने सरे बादशाओ ने राज किया। डेल्ही में सबसे  पुराने इमारते देख ने के लिए जैसे कि ताज महल और लाल क़िला। मैं सरे भारत घूम न चाहती हूँ क्यों कि इस दुनिया में भारत जैसे जगा कहीं नहीं हैं। यह सच हैं के मैं भारत जाछु कि हूँ, लेकिन मैं आपनी आप घूम न चाहती हूँ। मैं सच में दुनिया देखन चाहती हूँ।

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