Saturday, November 2, 2013

अगर आयेशा भारत जाए


अगर मैं भारत जाऊँ तो मैं चाहती हूँ कि मैं बहुत जगहे जाऊँ। लगभग हर साल मैं भारत जाती हूँ, मगर आम तौर पर मैं बोम्बई और गोआ ही जाती हूँ।  अगले बार, मैं दक्षिण भारत की यात्रा करनी चाहती हूँ। वहाँ, संस्कृति बोम्बई से बहुत अलग है, और मेरे लिए यह काफी दिलचस्प बात है।
काश है कि मैं शेर आरक्षण को भी जाऊं। मेरे मन में, शेर सब से महान जानवर है और इसलिए मैं उनको देखना चाहती हूँ।  इस चीज़ के लिए मुझको लगता है कि मुझे काफ़ी समय नहीं है कयोंकि वे विलुप्त हो रहे हैं।  यद्यपि मैं उनको छू न सकूंगी, मैं उनको देखकर खुश रहूंगी।
अगर मैं भारत जाऊं, शायद मैं अपनी साहेली की साथ जाऊँ।  वह एल सैलविडोर से है, लेकिन उसकी मनपसंद देश भारत है।  वह चाहती है कि एक दिन वह भारत जाए। मेरा विचार है कि अगर मैं उसको बोलूँ कि मैं जा रही हूँ, फिर वह भी आख़िरकार भारत आएंगी। भारत पहुँचकर, शायद हम दिल्ली और आगरा जाएँ और ताज महल देखें। मैं चाहती हूँ कि मैं कश्मीर भी देखूँ। 
अपनी सहेली और मुझे चाय बहुत पसंद है, तो मैं नीलगिरि जाना चाहती हूँ।  वहाँ, हम ताज़ी चाय पी सकें। 
सब से बड़ी ज़रूरी है कि अगर मैं भारत जाऊं, मैं अपने नाना-नानी और दादी को मिलने जाऊँ।  मैं उन्होंको बहुत प्यार करती हूँ, और उनको मिलने बिना भारत को  कोई यात्रा पूर्ण नहीं है।    

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