Wednesday, November 20, 2013

जब मुझे भूल हुई

एक दिन जब मैंने मनोविज्ञान क्लास में था मेरा प्राध्यापक ने सब छात्र को एक परीक्षा दे। इस क्लास में हम आमतौर पर परीक्षा पता नहीं ले पड़ेगा। हमें भी हमारे नोट्स कि इस्तेमाल करता हैं लेकिन मैं कभी नहीं पढ़ा। मैं कभी नहीं जानते हूँ तो मुझे जानता था कि मैं खराब ग्रेड ले लूंगा। मेरा प्राध्यापक ने हमारे कहा कि इस परीक्षा पे हम एक सात कम करता सकता हैं। मुझे जल्दी से बहुत खुश हो गया। अगर मैं एक साथ काम किया तो शायद मैं अच्छा ग्रेड ले जाएग।यह परीक्षा दस बजकर ग्यारह बजे लगे और हम एक घंटा में ख़त्म करना पड़ा। मैं और मेरा दोस्त एक साथ क मकरना चाहता था लेकिन किसी तरह हम दस लोगों के साथ काम कर रहे थे। हम एक कागज़ दे तो मैं ज़रूरत हैं कि हम सही जवाब लिखे। ४५ मिनट के बादमुझे हमारे परीक्षा कि कोज़ कर रही हैं लेकिन कोई दूसरे समूह के साथ कह रहा था तो मैं पूछा, "क्या हम सब सवालें एक जवाब लिखें" औरवह नहीं जवाब दे तो मैं कागज़ ले। मुझे सोचता हैं कि सब जवाब गलत था तो मैं मेरा जवाब लिखी। जब हम परीक्षा वापस आए हम 7.5/10 दे। मेरा जवाब गलत था और वह जवाब उसकी लिखी सही थी। मैं बहुत शर्मिंदा हो जाते हूँ। मैंने उस लोगों टालना कोशिश किया क्योकि मुझे बहुत ख़राब लगा। मैंने अपने बारे मैं बहुत चीज़ें सीखें। पहले मैंने दोबारा बड़ा समूह में हरगिज़ नहीं कम करूँगा और मैं हमेशा मेरा समूह के साथ जवाब के बारे कहउंगा। 

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