कुछ साल पहले, मैं इन्डिआना में रहती थी। एक रात, मैंने एक सहेली का घर जाना का निश्चय किया। उसका घर मुझसे काफी दूर था−गाडी से जाने में लगभग आधा घंटा लगा था। मौसम भी खराब था–बारिश गिर रहा था, और बाहर बहुत काला था। लेकिन मुझे जानती थी कि उस रात एक बहुत मज़ेदार पार्टी थी और मेरे सब दोस्त वहाँ होंगे। इसलिये, मैं गाडी में बैठ गयी और मैंने घर छोडी।
मैं शहर के अंत की ओर में चलाई। मैं अपने पुराने हाई स्कूल के पास गयी। लेकिन कुछ समय के बाद, दाएँ को जाने के बजाय, मैं सीधे ही गयी। इस तरफ जा-जा करके मुझे पता लगा कि मैं गलती जगह में थी। मैं किस ओर को जा रही थी? मैं कहाँ थी? मुझे मालुम नहीं था। लेकिन उस क्षण में मैंने एक साईन देखा−“वाईट कौन्टी”।
मैंने कैसे दुसरे कौन्टी पहुँची थी? क्या मुसीबत! मैं सतर्कता बिना गयी थी।
अंत में, मैं वापस आ सकी, लेकिन पार्टी के लिये बहुत देर लगी। मुझको यहाँ सिर्फ एक घंटा लगा था और फिर से वापस घर गयी।
मैंने इस अनुभव से सीखी कि अपनी गाडी चलाने का कौशल बहुत खराब है। मैं उस तरह दूसरे बार रात में चलाना कि कोशिश नहीं करूँगी!
मैं शहर के अंत की ओर में चलाई। मैं अपने पुराने हाई स्कूल के पास गयी। लेकिन कुछ समय के बाद, दाएँ को जाने के बजाय, मैं सीधे ही गयी। इस तरफ जा-जा करके मुझे पता लगा कि मैं गलती जगह में थी। मैं किस ओर को जा रही थी? मैं कहाँ थी? मुझे मालुम नहीं था। लेकिन उस क्षण में मैंने एक साईन देखा−“वाईट कौन्टी”।
मैंने कैसे दुसरे कौन्टी पहुँची थी? क्या मुसीबत! मैं सतर्कता बिना गयी थी।
अंत में, मैं वापस आ सकी, लेकिन पार्टी के लिये बहुत देर लगी। मुझको यहाँ सिर्फ एक घंटा लगा था और फिर से वापस घर गयी।
मैंने इस अनुभव से सीखी कि अपनी गाडी चलाने का कौशल बहुत खराब है। मैं उस तरह दूसरे बार रात में चलाना कि कोशिश नहीं करूँगी!
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