अगर मैं भारत जाऊं तो मैं अपने नाना-नानी के साथ रहूँ। वे मैसूर में रहते हैं, उनके बेटी के साथ। मैंने उनको पिछले साल ही देखा लेकिन वे बूढे हो रहे हैं, और अच्छा हो कि मैं उनको इस साल भी देखूँ। वे ज्यादातर घर में रहते हैं क्योंकि नाना की तबियत बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन मुमकिन है कि हम मार्केट या कुछ रेस्टोरेंट जाएँ, और जरूर कि हम घर में स्क्रैबल खेलेंगे, बात करेंगे, और टी वी देखेंगे।
शायद बेंगलूरु भी जाऊँ। मेरी मौसी का बेटा वहाँ रहता है। वह मेरी उमर का है और इसलिये हम बचपन से दोस्त होते हैं। और मेरा एक प्यारा दोस्त भी वहाँ रहता है। अभी हम सिर्फ इन्टरनेट में बात करते हैं लेकिन बहुत अच्छा हो कि हम एक ही शहर में हों। काश कि मेरे सभी दोस्तों एक ही जगह में रहतें!
जब तक मैं भारत नहीं जाऊँ, तब तक मैं भारतीय भाषाएँ पढना चाहती हूँ। मैं कन्नड सीखना चाहती हूँ ताकि मैसूर के लोग के साथ बात कर सकूँ, लेकिन अम्रीका में कोई नहीं कन्नड सिखाता है।
एक दिन, मैं भारत में रहना और काम करना चाहती हूँ। कौन जाने यह जब हो। लेकिन जब भी मैं भारत जाऊँ, मैं बांसुरी पर कर्नाटक संगीत पढना चाहती होऊँ, और बहुत अच्छा खाना खाना चाहती होऊँ, और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहती होऊँ।
शायद बेंगलूरु भी जाऊँ। मेरी मौसी का बेटा वहाँ रहता है। वह मेरी उमर का है और इसलिये हम बचपन से दोस्त होते हैं। और मेरा एक प्यारा दोस्त भी वहाँ रहता है। अभी हम सिर्फ इन्टरनेट में बात करते हैं लेकिन बहुत अच्छा हो कि हम एक ही शहर में हों। काश कि मेरे सभी दोस्तों एक ही जगह में रहतें!
जब तक मैं भारत नहीं जाऊँ, तब तक मैं भारतीय भाषाएँ पढना चाहती हूँ। मैं कन्नड सीखना चाहती हूँ ताकि मैसूर के लोग के साथ बात कर सकूँ, लेकिन अम्रीका में कोई नहीं कन्नड सिखाता है।
एक दिन, मैं भारत में रहना और काम करना चाहती हूँ। कौन जाने यह जब हो। लेकिन जब भी मैं भारत जाऊँ, मैं बांसुरी पर कर्नाटक संगीत पढना चाहती होऊँ, और बहुत अच्छा खाना खाना चाहती होऊँ, और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहती होऊँ।
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