Sunday, November 3, 2013

अगर मैं भारत जाऊं

अगर मैं भारत जाऊं



आंगनवाड़ी कलोल में गुजरात में

“अगर” नहीं है । मैं इस गर्मिओं में भारत जाउंगी । पिछले साल मैने सुनी कि ब्लुलैब भारत में नया प्रोजेक्ट को शुरू कर रहा था । फिर पतझड में मैं ब्लुलैब जडी । मई में हम गांव गुजरात में जाएंगे । हम पानी का  निस्पंदन योजना स्थापित करेंगे । ग्रामीणों बहुत उत्तेजित और खुश कि हम आएँगे । मैं उत्तेजित वे मिलना है । हमने लोग आंगनवाड़ी में के साथ अक्सर बात किये

जब हम गुजरात में पहुंचते है हम बहुत व्यस्त होगी । हमें लोग मिलना और छबि प्राप्त करना और योजना बनाना चाहिए । भी हम ग्रामीणों सीखना चाहिए योजना के बारे में । हम वहाँ तीन  हफ्ते रहेगी । मैं चाहता है कि तीन और हफ्ते रहुँगी । मुझे भारत यात्रा करना चाहती है और मेरा भाषा सुधर करना चाहती है।

जब मैं भारत जाती हूँ मैं काफी कपड़े नहीं लुंगी । मैं भारत में कपड़े खरीदूंगी क्योंकि अपने कपड़े नहीं अच्छे हैं भारत के लिए । मैं नहीं अच्छा वस्तु - विनिमयकार हैं और भी अंग्रेजी में । मैं अब्यास करना चाहिए । शायद क्लास में हम माल बदलना अब्यास करें।  

मैं इंतजात नहीं कर सकती हूँ भारत का खाना के लिए । मैं शाकाहारी हूँ । कहीं ऐसा न हो वह मुसीबत हो। मुझे भारत का खाना बहुत पसंद है। अक्सर मैं वह पकती हूँ ।

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