Sunday, November 3, 2013

Supriya - अगर मैं भारत जाऊं

अगर मैं भारत जाऊं
अगर मैं भारत जाऊं तो मुझे वहाँ एक गांव में सेवा करना जाना हैं। भारत में आज-कल अगर बारिश नहीं होता है तो किसान कम फसल उग्जा सकते हैं। इसलिए, किसान कभी कभी इस समय में बहुत उदासी हो जाते हैं। वे सोचते हैं कि जीवन में कोई अर्थ नहीं हैं। मैं चाहती हूँ कि भारत जाकर किमान को मदद करूँ। मुझे किसान के लिए एक गाँव का सेंटर शुरू करना चाहिए। वहाँ किसान को अच्छा काम करना मिलेंगे और मैं उसको प्रोतसाहन करुँगी। अगर किमान को नये काम करना मिलेंगे तो वे शायद खुश में रेह सकते हो। कभी कभी लोगों को सिर्फ आशा की जरुरी है।
मुझे डाक्टर या फिजियोथेरपिस्ट बनना चाहियें। इसलिए मैं डाक्टर बनकर, भारत जाउंगी और बीमार किमान को इलाज करने की कोशिश  करुँगी। संभव है कि मैं भारत जाकर अमरीका को नहीं वापस आउंगी, क्योंकि मुझे भारत बहुत सुन्दर और विविध देश है। वैसे भी है कि इस देश में बहुत गरीबी है और गरीब लोगों को आशा और मदद चाहिए। शायद मैं एक - दो साल के लिए भारत में रहूंगी।
भारत मेरा मात्र देश हैं, और इस लिए मुझे यहाँ जाकर लोगों को मदद करना चाहियें। वहाँ जा कर मुझे भी बहुत सीखना मिलेगा।

No comments:

Post a Comment