अनीशा अरोड़ा
मेरी मंद पसंद रस्म मेहँदी कि रस्म है. मेहँदी दुल्हन का घर में है. मैंने दो अलग शादियों से जला गया. मेहँदी कि रस्म बहुत अच्छा है. सभी लोग गाना गाते हैं और हम बहुत खाना खाते हैं. फिर हम सर्किल में नाच करते हैं. यह थोड़ी मुश्किल है क्योंकि हमारे हाटों पे गीली मेहँदी हैं. लोगों कहते हैं कि अगर मेहँदी अंधोरी है, तो दुल्हन का दूल्हा बहुत प्यार करता है.
हिन्दू शादियां अमरीकन से बहुत अलग हैं. हिंदी शादियां बहुत लम्बी हैं. वे तीन से चार दिन लगते हैं. अमरीकन शादियां बहुत शांत हैं और फिर भी बहुत छोटी हैं. हिन्दू शादियां मंदर में होते हैं. अमरीकन शादियां चर्च में होते हैं. हिन्दू शादियों में पंडत रस्म को मार्ग दिखलाता है. अमरीकन शादियों में प्रीस्ट मार्ग दिखलाता है. हिन्दू दुल्हन बहुत सारे रंग पहनती हैं. अमरीकन दुल्हन सदैव सफ़ेद पहनती हैं. हिन्दू शादियों में सभी लोग ज़मीन पर बैठे हैं. लेकिन अमरीकन शादियों में लोग बेंच पर बैठे हैं। हिन्दू शादियों में दूल्हा घोड़ा पे बैठे हैं और अमरीकन शादियों में दूल्हा चर्च में चलता हैं. अमरीका में बस एक शादी टाइप होई हैं. लेकिन भारत में ज़यादा शादियां होती हैं.
No comments:
Post a Comment