Thursday, April 10, 2014

Unemployment

पिछले कई सालों में बेरोजग़ारी का प्रमाण भारत में बढ़ता गया है।  २००८-२०१४ के बीच बेरोजग़ारी ५% ज्य़ादा बढ़ गई है।  इसके चिन्ह भी बड़े शहरों में दिखाई देने लग गए है जहा बहुत ज्यादा हत्से और चोरिया होने लग गए है।  कई लोग इस विशय को लेकर कई शहरों में जुलूस कर चुके है और सर्कार भी इस विषय को महत्व देने लग गई है।  बेरोजग़ारी के कई कारण हो सकते है।  सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि आबादी बहुत बढ़ चुकि है पिछले कुछ सालों में जिसके वजह से बेरोजग़ारी भि बढ़ रही है।  इसके इलावा , पिछले कुछ सालों में जॉब भि कम होते गए है और व्यपार बंद पढ़ते गए है।

और एक कारण यह हो सकता है कि आज कल ज्यादा बच्चे पाठशाला और विश्वविद्यालय जेन लगे है और अब ज्यादा विद्यार्थी जॉब कर सकते है।  पिछले दस सालों में बहुत औरतें भी नौकरी करने लगे है और जॉब कम होते गए है।  इस वजह से बेरोजग़ारी बढ़ती गई है।  सरकार इस स्थिति को सुधारने कि कोशिश कर रही है लेकिन इतने बड़े देश में जहा आबादी इतनी ज्यादा हो उधर बेरोजग़ारी का रहना साधारण  है।  सरकारी नौकरियां बढ़ा दी गई है लेकिन ज्यादकर लोग सरकारी नौकरिया नहीं लेना पसंद करते।  बेरोजग़ारी के वजह से बहुत लोग भारत छोड़ कर दूसरे शहरों में नौकरी ढ़ूंढ़ लेते है।  इस वजह से भारत के पढ़े - लिखे लोग भारत को छोड़कर दूसरे देशों कि तरक्क़ी करने में मदद करते है।  इसीलिए यह आवश्यक हो गया है कि सरकार इस विशय को सक्त ध्यान दे।  

Wednesday, April 9, 2014

आजकल हिन्दुस्तानी लोग भारत का सरकार नहीं ब्यास हैं क्योंकी सरकार भ्रष्टाचार से भरा है। ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के बाद भारत भारत सरकार की एक गांधीवादी शैली के तहत फैसला सुनाया बन गया। अन्ना हजारे भारत द्वारा नेतृत्व भ्रष्टाचार तेजी से फैल जहां एक प्रणाली में चले गए। मैं सींचा कि भ्रष्टाचार भारत की सबसे बड़ी समस्या ओंएरेस्ट नहीं में से एक है। यदि देश का सरकार अपने लोगों के हित के बारे में परवाह नहीं करता हैं तो कैसे समृद्ध रहेगा? यह कैसे जीवित रहेगा? कभी 'भारत के खिलाफ भ्रष्टाचार' के कार्यकर्ताओं द्वारा 2010 में विरोध प्रदर्शन के बाद से, भ्रष्टाचार भारतीयों राज्य वास्तव में उन से क्या मतलब के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर किया गया है. वे इसका मतलब क्या सोचा और हम इसके बारे में कैसे छुटकारा? आजकल क्योंकी भारत एक विकास शील देश है कई लोगों को भारत के बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस समस्या गहरा भारत सरकार के भीतर है एंड और इसे बदलने से पहले सारा चीजों पर एक लंबा समय लगेगा। अगर भारत कभी एक महान राष्ट्र बन गया है तो सरकार में भ्रष्टाचार नहीं रोका जा करना होगा। 

दुराचारण कि समस्या - Supriya J.

दुराचारण कि समस्या

भारत का आबादी हर रोज़ बढ़ जा रहा है। आज भारत में लगबघ एक अरब लोग रहते हैं। इस बड़ी देश को नियंत्रण करना एक मुश्किल बात है। लेकिन भारत में एक बहुत बुरी समस्या है जिसके वजह से भारत का आबाद नियंत्रण करना असम्भव हो जाता है।  
भारत में हर जगह में दुराचरण का समस्या दिखा जाता है। लोग धोका देते  है और झूट बोलते है। सरकारी लोग भी कभी कभी चुनाव में दुराचारण करते है। आज कल दुराचरण एक बड़ा समस्या हो गया है। कभी कभी सरकारी लोग पैसे रखते है और गलत चीज़ों पर खर्च करते है। दुकानवाले चीज़ों का दाम हमेशा बढ़ते रहते हैं। फिर से, दाम कम भी कर सकते है। इसका मतलब है कि भारतीय दुकानों में कोई मानक प्रणाली नहीं है। दुराचरण के वजह से बहुत लोगों का नुकसान होता है। विश्वविद्यालय में लोग  बच्चों को प्रवेश मिलने के लिए पैसे देते हैं। इसके लिए कोई चतुर बच्चों को प्रवेश नहीं मिलता है और आमिर लोगों को मिलता है। बहुत सारे संस्थे में दुराचारण हो रहा है। यह एक बड़ा समस्या है और इस समस्या का एक ही समाधान है: लोगों को समझाना है कि ईमानदारी बहुत आवस्यक है। अगर भारत में सुख और शांति चाहिए, तो लोग सच्ची बात बोलने चाहिए और उदार दिखाना चाहिए।  


Poverty

भारत मे बहुत लोग बहुत गर्रीब है। भारत  के गाँव मे लाखो लोग अपने परिवार के लिए पैसा नही कमा सकते और यह बात बहुत खराब है।  भारत मे लाखो आदमी किसान है।  जब उनके फसलों नही आते, उनके पास कोई पैसे कमाने के तरीके नहीं रहते और वोह भूके रेह जाते है।  शहरो मे बहुत भिकारी है और ये लोग सिर्फ दुसरे लोग से पैसे लेते है और आम तौर पर कभी इससे बाहर नही आ सकते।  भारत का सर्कार जितना भी इन लोग कि मदद करने कि कोशिश करेगा उतना भी काफी नहीं होगा क्योंकि सर्कार के पास ताकत नही है सब लोग को गरीबी से बचवन के लिए।  अफ़सोस है के भारत मे इतने सारे लोग गरीबी मे रेह रहे है लेकिन दुनिया मे यह एक समस्या है जो अगले कई साल मे नही हल होगा। 
गरीबी लोग अपने बच्चे के लिए कुछ नही कर सकते, तोह अपने बच्चे भी गरीब बनते है।  बच्चे स्कूल मे नही जाते क्योंकि उनको पैसे कमाने है और बिना पैसे वोह भूख से मर जायेंगे।  जब भी मे भारत जाता हू वे लोग मुझसे पैसे मांगते है।  मैं इनके अत्त्याचार से तंग आ जाता हू क्योंकि कई सारे भिकारी तुम्हारे पीछा नही छोड़ते और तुमको परेशान करते है जब तक आप उनको पैसे दे।

भारत का गरीबी अद्वितीय नही है। दुनिया के हर कोने मे गरीबी है और गरीबी एक ऐसी समस्या है जिससे दुनिया के सारे लोग को हल करना चाहिए

HW 18

मेरा ख्याल में भारत में सबसे बड़ा समस्या निर्धनता है। 2011 में भारत में 3.2 करोड़ लोग निर्धनते में रहते थे, और तब से यह संख्या बाद हो रहा है।  बहुत लोग, उनके परिवार के साथ, ग़रीबी में रहते हैं, या सड़क पर बेघर हैं। गरीबी की वजह से बहुत लोग उनके बच्चे को कारखानों में काम करने के लिए भेजते हैं, या उनके बच्चे पैसे के लिए भीख मांगते हैं। जब मैं अपने परिवार के साथ भारत जाती हूँ, हम हमेशा देखते हैं कि सड़क पर बहुत बेघर बैठकर पैसे भीख मांगते हैं, शायद छोटे-छोटे बच्चे के साथ, मंदिर में छोटे बच्चे स्टिकर या कुछ और चीज़ बेचते हैं और कई चाय की दूकान में स्कूल आयु वर्ग के बच्चों काम करते हैं। यह देखने के लिए बहुत मुश्किल है, क्योंकि ज़िन्दगी में मुझे कुछ भी नहीं चाहिए थी, क्योंकि मेरे माता-पिता अपने सारे ज़रूरतों को प्रदान की। लेकिन ये गरीबी बच्चे स्कूल को जा नहीं सकते, और एक शिक्षा के बिना वे कैसे भविष्य में एक अच्छा काम से मिल सकेंगे? मुझे लगता है कि भारत में ग़रीबों की मदद करने के लिए पयार्प्त पैसे नहीं है। दूसरे देशों और भारत में भी कई संगठनों भारत को बहुत पैसे और मदद बेचते हैं, लेकिन भारत को अधिक मदद की ज़रूरत है। 

HW 18



भारत का एक बड़ा समस्या जनसंख्या है | जनसंक्या के कारण और भी समस्याओ निकलते हैं | भारत में इतने सारा लोग है की सब को घर बनाने के लिए जगा ही नहीं है | भारत में बहुत लोग गरीबी में रहते है क्यों की लोगों के पास नौकरी नहीं है | इस समस्या के कुछ कारण हैं | सब्से बड़ा कारण है की भारत की आबादी बहुत बड़ा है | इतना बड़ा आबादी के कारण लोग को कम नहीं मिलता है | जब लोगो के पास कम नहीं है तो वोह पैसा नहीं कम सकते है फिर वे कुछ खरीद नहीं सकते | पैसा के कमी से लोग परिवार के लिए खाना भी नहीं खरीद सकते है | अच्छा खाना नहीं मिलता है तो लोग बीमार हो जाते है और फिर उनको अस्पिताल जाना पड़ता है | लेकिन यह लोग दवाई भी खरीद नहीं सकते | जनसंख्या बहुत बड़ा समस्या है | भारत अम्रीका से बहुत छोटा है लेकिन भारत की आबादी अम्रीका के आबादी से बहुत बड़ा है | इतना बड़ा आबादी के कारण भारत के संसाधन ख़त्म हो रहे है | यह समस्या इतना बुरा है की सर्कार भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकता है | भारत के पास और लोग के लिए जगा ही नहीं है | बहुत लोग गाव छोडकर शेरो जा रहा है | इस के कारण और भी जनसंख्या हो गा | दुसरे सुब समस्या जनसंख्या से निकल रहें है | प्रोदुशन , गरीबी , नौकरी नहीं है , खाना नहीं है , यह सब समस्या जनसंख्या से निकली है |

HW 18 - Overpopulation in India

मुझे लगता है कि भारत में अत्यधिक जनसंख्या (excessive population) है | बहुत ही ज्यादा लोग हैं वहाँ । इस वजह 

से भारत में और भी समस्याएं होती हैं । पहली बात यह है कि जितने सारे लोग हैं उतने सारे नौकरियाँ नहीं हैं । बहुत

लोगों को काम चािहये । भारत में इतने सारे गरीब लोग हैं और बहुत लोगों का कोई घर भी नहीं है । जहाँ भी जाओ

वहाँ लोग होंगे जो सड़क पर रहते हैं और भीख मांगते हैं । बहुत दुख की बात है । अत्यधिक जनसंख्ये के वजह से बहुत

कूड़ा भी जमा हो जाता है और प्रदूषण बढ़ जाता है । कुछ जगह में काफ़ी कचरा होता है सड़कों पर और नालिओं में ।

बहुत खराब बात है । अब जहां भी लोग चाहते हैं वहीं अपना कूड़ा फेंकते हैं । पुलिस इस मामले में कुछ नहीं करती है ।

तीसरी बात यह है कि जनसंख्ये के वजह से सड़कों पर बहुत भीड़ रहती है । इसलिए सब लोगों को आक्रामक तरीके से

गाड़ी चलानी पड़ती है और पैदल चलने वालों को बहुत सावधान रहना पड़ता है । मुझे लगता है कि भविष्य में एक

कानून होना चाहिए कि सब परिवारों में बस दो बच्चे हो सक्ते हैं । इस तरह जनसंख्या कम ओ सकता है और कुछ

लोगों को काम भी मिल सकता है । शहर में कचरा कम करने के लिये सरकार को कहना चािहये कि उगर कोई आदमी

उपना कूड़ा सड़क पर फेंकता है तो उस आदमी को काफ़ी पैसा देना पड़ेगा ।


Tuesday, April 8, 2014

India, Poverty, and New Hope

India, Poverty, and New Hope

एक बड़ा समस्या भारत में निर्धनता है । भारत में ⅓ दुनिया का गरीब लोग है । औसत मजदूरी 1.25$/दिन है और 29.8% लोग भारत में निर्धनता रहते हैं।भूख भी बड़ा समस्या क्योंकि परिवार ही सस्ता खाना खरीद सकते है । ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता और पप्रचलित है । राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल सबसे गरीब प्रदेश है। ये क्षेत्रों में सूखा और बीमारी प्रचलित है । एक बड़ा कारण निर्धनता के लिए वित्तीय संसाधन नहीं पा सकते है । निरक्षरता और खराब स्वास्थ्य लोग को काम करना रोकता है ।

समाधान के लिए सरकारी “माइक्रो-एंटरप्राइज डेवलपमेंट” प्रोत्साहित करते है । यह मतलब है कि लोग छोटे व्यापारों को शुरू किये जाते है । ये व्यापार समुदाय का जरुरत पूरा करता है। कुछ लोग रचनात्मक विचार बनाये  गये । एक आदमी पत्नी के लिए माहवार नैपकिन व्यापार शुरू करते हैं । 1998 में उसकी पत्नी माहवार नैपकिन समर्थ नहीं होती है ऐसे अरुणाचलम मुरुगानंतम सस्ते नैपकिन आविष्कार से बनाते हैं ।




और कहानी जैसी यह कहानी निकली जाती है । भारत का लोग रचनात्मक हो रहे हैं और अपने-आप अपनी ज़िंदगी को नियंत्रण कर रहे हैं । यह बहुत आशा भारत के लिए होता है ।





Corruption

मेरा ख्याल में, भारत का एक बहुत बड़ा समस्या बिगाड़ है। भारत में बहुत ज़्यादा राजनयिक रिश्वत लेते है। यह सब काम के वजह से सरकार ठीक से काम नहीं कर सकते है। सरकार का पहला काम जनता की सेवा होना चाहिए। बिगाड़ के वजह से वे पूरा जनता को नहीं मानते है। राजनयिक सिर्फ आमिर लोग की बात सुनते है क्योंकि उनसे ज्यादा पैसा कमा सकते है, और गरीब लोगों के आवाज़ खामोश हो जाते है।  इस प्रबंद के वजह से गरीब लोग गरीब रहते है।  भारत में बहुत ज़्यादा गरीबी लोग एक और समस्या है। गरीबी के वजह से बहुत लोग के पास कोई घर नहीं है और वे सड़क पर रहना पड़ते है।  उनके पास खाना भी नहीं है और मिताई भी होता है। इन सब के वजह से बहुत बिमारी भी होते है क्योंकि उनके पास इलाज के लिए कुछ पैसे नहीं है।  मिताई और बिमारी के वजह से बहुत गरीब लोग भी मर जाते है, और बच्चे भी मरते है।  सरकार को इन गरीब लोग को मदद करने चाहिए। लेकिन बिगाड़ के वजह से वे मदद नहीं करते है। बहुत ज़्यादा राजनयिक सिर्फ पैसे के बारे में सोचते है, और वे गरीब लोग को मदद करने से बहुत पैसा नहीं कमा सकते है।  बिगाड़ सिर्फ सरकार में नहीं होते है, पोलिस में भी यह बहुत बड़ा समस्या है। अगर लोग कुछ गलत करते है, वे अधिकारी को पैसा देकर कुछ सज़ा नहीं मिल जाते है।

Dowry

             भारत मैं यौतुक एक बड़ा समस्या है।  शादी में लड़की या लड़का को परिवार यौतुक चाहते है। यौतुक कभी कभी सोना, इलेक्ट्रिकल एप्लायंसेज, रुपया, और कुछ  चीज़ भी होते है।  लड़को वालो अक्सर शादी से पहले बहुत कुछ मांगते है, यदि लड़की वाली वोह नहीं पूरा नहीं कर सकते तो शादी नहीं होते। यौतुक एक नई समस्या नहीं है। लगता है की यौतुक बड़ रही है क्यों की नई नई लोग जयादा भी आमिर हो रही है, लेकिन कुछ लोगो ने याचक को नहीं मन रही है। यौतुक  १९६१ में गैरकानूनी होआ लेकन अभी भी कुछ लोग यह कम करते है।भारत में यौतुक एक सामाजिक कारण है और धीरे धीरे बदल जा रही है। भारत में औरोतों को बहुत आधिकार नहीं है और कभी कभी औरोतों को बोझ समजता है। यौतुक के करों के लिए, औरोतों पर खूब वायलेंस है। सरोरिक शोषण बर्ड रही है और भावनातमक शोषण भी।  समाचार में कभी कभी हत्या भी एक यौतुक का फल है। हम यह कारण के लिए अवरनेस करनी चाहिए। बहुत कुछ औरतों सुफ्फेर कर रही है। कबर कागज पर बहुत औरोतों को शादी नहीं होरही है क्यों की जो लड़के वाले मांग रहा तो वे नहीं दे सकते।  


शिक्षा की कमी

मेरी राय में भारत सब से बड़ी समस्य शिक्षा है। शिक्षा की कमी की वजह से बहुत सारी समस्याएं हुई हैं।  पहली बात है कि शिक्षा की कमी की वजह से गरीबी की दर बहुत ऊंची है।  उन्नति हो रही है लेकिन अभी भी गरीबी की दर २२% की करीब है और वह बड़े देश के लिए ऊंची है। दर शहरों में कम है लेकिन गांवों में, जहां भारत में अधिकांश लोग रहते हैं, २२% से ज़्यादा है। अगर शिक्षा बेहतर होता तो गरीबी के लिए और मौके होते और वे और पैसे कमा सकते है और फिर परिवार का परवा कर सकते और गरीबी से निकल सकते है। इस के अलावा शिक्षा की कमी की वजह से भारत में प्रदूषण आजकल बहुत हो रही है। वहाँ लोग सोचते है की प्रदूषण कोई बड़ी बात नहीं है और वे ऐसे ज़िंदगी जीते रह सकते हैं लेकिन यह सैक नहीं है। लोग कहीं भी कचरा फेंक लेते हैं और उनको लगता है कि उन्होंने किसी को नुक्सान नहीं पहुँच रहे हैं। अगर कोई उनको नहीं सिखाते हैं तो फिर ये आदतें कभी भी नहीं बदल लेंगे और प्रदूषण और भी बुरी हो जायेगी। भारत इस दुनिया सब से प्रदूषित देशों में से एक देश है। अगर जल्द से यह नहीं बदलता है तो और लोग बीमार हो जायेंगे और ज़िंदगी की क्वालिटी कम ही हो जायेगी। प्रदूसन और गरीबी भारत की दो बहुत बड़ी समस्य हैं और शिक्षा की कमी की समस्य से आते हैं। अगर शिक्षा की कमी को ठीक कर पाते है तो फिर और समस्य भी ठीक हो सकती हैं।


भारतीय भ्रष्टाचार


मेरे खयाल में, भारत की सब से बड़ी समस्या भ्रष्टाचार है। अगर भारतीय राजनेताओं बेहतर होते और देश के बारे में सोचते, फिर शायद प्रदूषण कम होता, गरीबी का समाधान मिलेगा, उत्पात खत्म होता और भारत कामयाब हो सकते।  मगर भारतीय राजनेताओं ऐसे नही सोचते है - वे सिर्फ उनके पराक्रम और उनके बटुआ के बारे में सोचते हैं।
इस वक्त, इंडिया में चुनाव हो रहा है और संभाव्य है कि नरेंद्र मोदी नया प्रदान मंत्री बनेगा।  २००२ में , उसके बोलने पर हजारों मुसलमान मारे गये - फिर भी , उससे सज़ा नहीं , प्रशंसा मिल रहा है।  लोग उसको पसंद करते है क्योंकि वे कहते हैं कि जब वो गुजरात के मुख्य मंत्री था, अर्थव्यवस्था सुधार हुआ।  लेकिन वह पैसा सिर्फ कई अमीर लोगों को गया - आम आदमी के जीवन में कुछ नही बदल गया।  उसके ऊपर, क्या फर्क पड़ता है अगर अर्थव्यवस्था सुधार हुआ जब यह आदमी नरसंहार कर रहा है? भारत सारे धर्मों के लिए है - संविधान यह ही कहता है। हर आदमी, विशेषत: प्रदान मंत्री, इस बात को मानना चाहिए।
भ्रष्टाचार बड़ी समस्या है क्योंकि राजनेताओं वोट और पैसे चुराते हैं। वे पैसे सार्वजनिक धन से लेते है और अपने-आप के लिए इस्तेमाल करते हैं। और फिर, कुछ काम भी नही करने के बाद, वे गाँव वाले और गरीब लोग के नाम मतपत्र पर लिखते है ताकि वे जीत सकते हैं।  ऐसे, वे बार - बार जीतते हैं मगर कुछ सरकारी काम नही करते है।  
इस  चुनाव में एक नयी राजनीतिक दल है - आम आदमी पार्टी।  अरविन्द केजरीवाल, ए. ए. पी. का नेता, ईमानदार सरकार के बारे में बात करता है।  वह चाहता है कि भारत का सरकार फिर से नेकनीयत बन जाइये जैसे था जब देश जवान था। वह भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहता है।  मेरी इच्छा है कि अधिक राजनीतिज्ञों केजरीवाल के जैसे बात करे।  फिर, भारत मजबूत और बढ़िया बन सकेगा।  





Problems in India: Poverty

सभी देशों बहुत समस्या है।  अमरीका और भारत दोनों के लिए समस्या है।  एक समस्या भारत में गरीबी है। भारत में पिछले कुछ दशकों में एक बहुत सुधार हुआ है।  अर्थव्यवस्था बहुत मज़बूत है, और अर्थव्यवस्था बहुत बड़ा हो गया है।  बहुत लोग भारत में बहुत अमीर हो गए है।  लेकिन बहुत लोग अभी भी बहुत गरीब रहते है।  भारत में चार सौ  करोड़ लोग गरीबी में रहते है।  यह जनसंख्या के बत्तीस प्रतिशत है।  जब बहुत देश का लोग गरीबी में रहते है, तो  कई भागों पीड़ित।  एक उदाहरण है कि जब बहुत लोग गरीबी रहते है, तो स्कल और शिक्षा बहुत ख़रीब करते हैं।  तथापि, कुछ चिन्ह आशा हैं।  क्योंकि भारत का अर्थव्यवस्था आच्छा कर रहा है, बहुत लोग गरीबी में कौन हैं। वे अधिक पैसा होगा क्योंकि वे अब गरीब हो जाएगा।  मुझे आशा है कि जब यह होगा, गरीबी बहुत छोटा समस्या होगा।  यह नहीं ज़रूरत है।  यह सम्भव है कि अर्थव्यवस्था बहुत कमज़ोर हो जाएगा।  यह सम्भव है कि एक पर्यावरण में परिवर्तन बहुत  लोग गरीबी में रखा जाएगा।  लेकिन यह बेहतर हो जाता है, भले ही काम किया जाना चाहिए। गरीबी एक बहुत बड़ा समस्या है , और वह एक समस्या एक बहुत लंबा समय गया है।  सरकारी नीति गरीबी बदलना मदद करना चाहिए।  एक चीज़ कि किया जा सकता है ही बहुत पैसा स्कूल और स्वास्थ्य पर खर्च करना सकता है।  मुझे आशा है कि भावी में बहुत कम गरीबी होगा।