पिछले कई सालों में बेरोजग़ारी का प्रमाण भारत में बढ़ता गया है। २००८-२०१४ के बीच बेरोजग़ारी ५% ज्य़ादा बढ़ गई है। इसके चिन्ह भी बड़े शहरों में दिखाई देने लग गए है जहा बहुत ज्यादा हत्से और चोरिया होने लग गए है। कई लोग इस विशय को लेकर कई शहरों में जुलूस कर चुके है और सर्कार भी इस विषय को महत्व देने लग गई है। बेरोजग़ारी के कई कारण हो सकते है। सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि आबादी बहुत बढ़ चुकि है पिछले कुछ सालों में जिसके वजह से बेरोजग़ारी भि बढ़ रही है। इसके इलावा , पिछले कुछ सालों में जॉब भि कम होते गए है और व्यपार बंद पढ़ते गए है।
और एक कारण यह हो सकता है कि आज कल ज्यादा बच्चे पाठशाला और विश्वविद्यालय जेन लगे है और अब ज्यादा विद्यार्थी जॉब कर सकते है। पिछले दस सालों में बहुत औरतें भी नौकरी करने लगे है और जॉब कम होते गए है। इस वजह से बेरोजग़ारी बढ़ती गई है। सरकार इस स्थिति को सुधारने कि कोशिश कर रही है लेकिन इतने बड़े देश में जहा आबादी इतनी ज्यादा हो उधर बेरोजग़ारी का रहना साधारण है। सरकारी नौकरियां बढ़ा दी गई है लेकिन ज्यादकर लोग सरकारी नौकरिया नहीं लेना पसंद करते। बेरोजग़ारी के वजह से बहुत लोग भारत छोड़ कर दूसरे शहरों में नौकरी ढ़ूंढ़ लेते है। इस वजह से भारत के पढ़े - लिखे लोग भारत को छोड़कर दूसरे देशों कि तरक्क़ी करने में मदद करते है। इसीलिए यह आवश्यक हो गया है कि सरकार इस विशय को सक्त ध्यान दे।
और एक कारण यह हो सकता है कि आज कल ज्यादा बच्चे पाठशाला और विश्वविद्यालय जेन लगे है और अब ज्यादा विद्यार्थी जॉब कर सकते है। पिछले दस सालों में बहुत औरतें भी नौकरी करने लगे है और जॉब कम होते गए है। इस वजह से बेरोजग़ारी बढ़ती गई है। सरकार इस स्थिति को सुधारने कि कोशिश कर रही है लेकिन इतने बड़े देश में जहा आबादी इतनी ज्यादा हो उधर बेरोजग़ारी का रहना साधारण है। सरकारी नौकरियां बढ़ा दी गई है लेकिन ज्यादकर लोग सरकारी नौकरिया नहीं लेना पसंद करते। बेरोजग़ारी के वजह से बहुत लोग भारत छोड़ कर दूसरे शहरों में नौकरी ढ़ूंढ़ लेते है। इस वजह से भारत के पढ़े - लिखे लोग भारत को छोड़कर दूसरे देशों कि तरक्क़ी करने में मदद करते है। इसीलिए यह आवश्यक हो गया है कि सरकार इस विशय को सक्त ध्यान दे।
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