Tuesday, April 8, 2014

India, Poverty, and New Hope

India, Poverty, and New Hope

एक बड़ा समस्या भारत में निर्धनता है । भारत में ⅓ दुनिया का गरीब लोग है । औसत मजदूरी 1.25$/दिन है और 29.8% लोग भारत में निर्धनता रहते हैं।भूख भी बड़ा समस्या क्योंकि परिवार ही सस्ता खाना खरीद सकते है । ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता और पप्रचलित है । राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल सबसे गरीब प्रदेश है। ये क्षेत्रों में सूखा और बीमारी प्रचलित है । एक बड़ा कारण निर्धनता के लिए वित्तीय संसाधन नहीं पा सकते है । निरक्षरता और खराब स्वास्थ्य लोग को काम करना रोकता है ।

समाधान के लिए सरकारी “माइक्रो-एंटरप्राइज डेवलपमेंट” प्रोत्साहित करते है । यह मतलब है कि लोग छोटे व्यापारों को शुरू किये जाते है । ये व्यापार समुदाय का जरुरत पूरा करता है। कुछ लोग रचनात्मक विचार बनाये  गये । एक आदमी पत्नी के लिए माहवार नैपकिन व्यापार शुरू करते हैं । 1998 में उसकी पत्नी माहवार नैपकिन समर्थ नहीं होती है ऐसे अरुणाचलम मुरुगानंतम सस्ते नैपकिन आविष्कार से बनाते हैं ।




और कहानी जैसी यह कहानी निकली जाती है । भारत का लोग रचनात्मक हो रहे हैं और अपने-आप अपनी ज़िंदगी को नियंत्रण कर रहे हैं । यह बहुत आशा भारत के लिए होता है ।





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