Sunday, November 17, 2013

एक भूल जो हुई

हाई स्कूल पास होने के बाद मुझे सोचना पड़ा था कि मैं क्या बनना चाहता हूँ। मैंने सोचा और सोचा लेकिन कोई फैसला नहीं कर सका। इस की वजह से मैंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन चुना। मैं एक दूसरे स्कूल जाने कि सोच रहा था लेकिन मैंने सोचा यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में सारे क्लास अच्छे हैं तो मेरे लिए बेहतर होएगा।
एक महीना विश्वद्यालय जाने से पहले मैंने फैसला किया और यह मेरी भूल थी। जब मैं बच्चा था तो मैंने हमेशा सोचा कि मैं डाक्टर बनूँगा। मैं लोगों कि मदद करना चाहता था और मेरी माँ भी डाक्टर हैं। उसके अलावा डाक्टर बहुत पैसे कमाते हैं और मैं अपने परिवार की देख-रेख कर सकता हूँ। ये मेरे कारण थे प्री-मेड करने के लिए।
मेरा पहला सेमेस्टर बहुत अच्छा नहीं था और मेरी दूसरा सेमेस्टर भी अच्छा नहीं था। केवल मेरी हिन्दी क्लास पसंद आयी। मेरी जीव बिज्ञान कक्षाएं बहुत गंदी थीं। कक्षाएं में न कोई दिलचस्प चीज़ें थीं न मैंने कुछ सीखा। उसके अलावा मुझे अच्छे मार्क्स भी नहीं मिले। समस्त में मेरी पहला साल यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में बुरा था।
इस लिए मैंने नया फैसला किया। फैसला था कि मैं कम्प्यूटर विज्ञान में मेजर कर लूँगा। अभी तक मेरी पहली कम्प्यूटर क्लास अच्छी है और मज़ा आ रहा है। ऐसे होना चाहिए। जब छात्र सीख रहे हैं, तो मज़ा आना चाहिए।
इस भूल से मैंने सीखा कि सीखने में मज़ा ले सकता हूँ, और सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अब मुझे मालुम है कि मैं क्या करना चाहता हूँ।

Monday, November 4, 2013

If I went to India

अगर मैं भारत जाऊ तो मैं बहुत चीज़ें करुंगा तो मुझे हिंदुस्तान की संस्कृति कि अनुभव करता हैं । पहले मुझे भारत जाऊ मैं प्रतिरक्षा फिर मुझे पता हैं कि मैं भारत में हिंदी सीक रहा ख़त्म करना चाहता हूँ क्योंकि मुझे लगता हैं कि मैं भारत जाकर हमेशा हिंदी बोलन पड़ेगा । अमेरिका में जब मैं हिंदी क्लास में मैं सिर्फ हिंदी बोलता हैं और जब मैं हिंदी क्लास में नहीं होकर अंग्रेजी बोलऊ। शायद मैं एक हिंदुस्तान की विश्वविद्यालय पढ़ता हो फिर मैं कुछ हिंदुस्तानी दोस्तों मिलेंगे और हम हमेशा हिंदी बोलता हैं । अगर मैं भारत जाए शायद कोई शादी कर रहा हैं और मैं उसकी शादी जाना हैं फिर मैं बहुत कुछ हिंदुस्तानी की खाना और मिठाइया खाता और शायद मुझे भी प्यार करती हो। मैं मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली, गोआ, और हैदराबाद जायूँगा । मैं हमेशा ये शहरों यत्र करता हूँ । मैं सोचता है कि अगर मैं भारत जाऊ तो मैं साइंस पडूंगा और मैं रिसर्च कर रहा है । जब भी मुझे भूख लगी हैं फिर मैं बाज़ार जाता हैं और ताज़ा सब्ज़ियाँ खरीदूंगा तो मैं हिन्दुस्तानी खाना पकता सकता हैं । मुझे कोई जो मुझे कैसे खाना बनाना सिखा सकते हैं की खोज करना पड़ेगा लेकिन वह बहुत मुश्किल नहीं हैं । मैं सोचता हैं कि अगर मैं भारत जाउ मैं बहुत सूरज करूँगा और मैं कभी नहीं वापस आऊ । मुझे पता हैं कि अगले साल मैं हैदराबाद जाऊ लेकिन एक दिन मैं बस भारत जाऊ  हिंदुस्तान की संस्कृति कि अनुभव करता हैं

अगर मैं भारत जाऊँ

            अगर मैं भारत जाऊँ मेरी सबसे पहली इच्छा है कि मैं उत्तर भारत जाऊँ। जब भी मैं अपने परिवार के साथ भारत जाती हूँ, हम हमेशा सिर्क अपने रिश्तेदारों की यात्रा करते हैं। हम दर्शनीय स्थानों की जाँच कभी नहीं करते हैं। लेकिन अगर मैं भारत जाऊँ मैं ज़रूर पहले अपने रिश्तेदारों की यात्रा करूँगी। मेरे परिवार सभी भर तमिल नाडु में रहता है: चेन्नई, मदुरै, कोइम्बटोर, तिरुनलवेली, विजयवाड़ा, और बंगलोर। मैं अपने रिश्तेदारों की यात्रा करके ताज महाल देखूँगी। उसके बाद मैं अमृतसर जाना चाहती हूँ, और वहाँ मैं "गोल्डन मंदिर" जाऊँ। अमृतसर जाकर मैं दिल्ली जाऊं क्योंकि अपना चचेरे भाई वहाँ काम करता है, और मुम्बई जाऊँ क्योंकि अपनी बुआ वहाँ रहती है। मैं अक्सर उनसे मिल नहीं सकती, और मैं चाहती हूँ कि मैं एक दिन मुम्बई और दिल्ली जाऊँ।  मेरी इच्छा है कि मैं दिल्ली या मुम्बई में शहीद कपूर से मिलूँ क्योंकि वह अपना मनपसंद बॉलीवुड अभिनेता है।   मैं दिल्ली और मुम्बई में कई दिन रहूँ और अपने माँ, बुआ, और चचेरे भाइयों के साथ बहुत शौपिंग करूंगी।
            अगर मैं भारत जाऊँ मुझे अपने दादी और नाना के साथ बहुत समय बिठाना चाहिए क्योंकि मैं अक्सर उनसे भी मिल नहीं सकती। बचपन में अपने दादी और नाना कभी-कभी अमरीका जाते थे, लेकिन आजकल वे बूढ़े हैं और वे हवाई जवाज़ मैं बहुत समय के लिए बैठ नहीं सकते। अगर मैं भारत जाऊं मैं दादी से पूछूंगी कि वे मेरे पसंदादी भोजन पकाते हैं।

            शायद इस गरमी की छुट्टी के दौरान मैं भारत जाऊं!

भारत

अगर मैं भारत जाऊ तो मैं पहले अपने नानी के साथ फ़िल्म देखने जाऊँगा। मेरी नानी को फ़िल्म देखना बहुत पसंद है।  जब मेरी  नानी अमरिका आई थी  हम दोनों ने ने बहुत फ़िल्म साथ-साथ देखें थें। वह मम्भाई मे रहते है। उसके घर मे एक टी वी भी है और हम दोनों हिंदी शो देख सकते है। मुझको ये शो नही पसंद है लेखिन मेरी नानी को यह शो देखने बहुत पसंद है। मेरे चाचा भी पास रहता है और मे उनके साथ क्रिकेट कहल सकता हू। जब मे भारत जाता हू वह हमेशा मेरे साथ क्रिकेट कहलता है। उनके साथ मैं खाने के लिए बहार सकता हू। उनको भी मुर्गी खाना पसंद है।

 मे और मेरे परिवार उदैपुर जा सकते है। उदैपुर मे तीन बड़े महल हैं। मेरे मामा जी वहा दो साल पहले वहा रहे थे। उन्हों ने कहा के महल मे होटल भी है और होटल के बिस्तर और खाना दोनों बहुत अच्छे हैं। उदैपुर के बाद मैं वड़ोदरा जा सकता हू। मेरे पिटा जी वड़ोदरा मैं पढ़ा हुए। वहा मेरे दादा रहते है। उनको भी क्रिकेट कहलना पसंद है, लेखिन अब वह बहुत बड़े है  और बहुत कहल नही सकते। शायद हैम दोनों भारत कि क्रिकेट टीम टी वी मे देखें। जब भी मैं भारत जाता हु तो मे हमेशा दो या तीन महीने के लिए वहा हू। भारत मे इतना वक़्त काफी नही है। काश मे एक साल के लिए भारत जा सकता. 

Sunday, November 3, 2013

Bharat

      यदि मुझे भारत जाने का मोखा मिले तो मैं बहुत जगा और मंदिर देख्ना चाहिती हूँ। अगर मैं भारत जाऊँ थो मैं प्रत्म कोल्कता जाऊंगी क्यों कि अपनी रिश्तेदार वेस्ट बंगाल में रहते हैं। मैं उनको साथ कुछ दिन के लिये रहना चाहिती हूँ। मैंने पहले उन्हें नहीं मिला। शायद मैं नर्वस होगी जब मैं उन्हें साथ मिलेंगी। 

       मैं भारत जाकर गंगा मैया को देखना और अच्छी हिंदुस्तानी खाना चाहिती हूँ। मैं ताजे जलेबी खाऊँगी और पानी पूरी भी। मैंने सुन्ना कि पानी पूरी बहुत पॉपुलर कइसिने है।  मैं अपने भइओ और बहनों के साथ सब से अच्छे रेस्टूअरांत् जो है, वहाँ जाउंगी। 

             कोल्कता के बाद मैं मुम्बई देख न चाहिती हूँ क्यों कि एक बड़ा मेट्रोपोलिटिन सहर है. लोग कहते है कि मुम्बई  न्यू यॉर्क के समान क्यों कि लोग सपना पुराण करने के लिए बहा जाता है। उसके बाद में आगरा जानना चाहिती हूँ क्यों कि वहाँ ताज महल है. मैं किताब में पढ़ी ताज महल दुनिया के साथ आश्चर्यों में से एक है। ताज महल एक प्रेम कहानी का प्रतीक है। एम्परर शाह जहान उनके तीसरे पत्नी के लिया ताज महल बनाया। उनको तीसरी पत्नी मार्गी और एम्पेरो शाह जहान उदास था। एम्परर ने उनके तीसरी पर्शियन पत्नी को बहुत बहुत बहुत प्यार करते थे! मुझे व्हो कहानी सुनकर मजा आया। मैं सपना देख्ती ही हाई मैं कब ताज महल देख पाएंगी। तो मैं आगरा जाना चाहती हूँ। 

           जब मैं यात्रा करके थाका होगी तब मैं कुछ करीदी करने के लिया मॉल जाउंगी। मैं सुन्दर लहंगा चोली, साडी, और सलवार कमीज़ खरीदना चाहिती हूँ भारत से। 

अगर मैं भारत जाऊ

अगर मैं भारत जाऊ तो मुझे बहुत मजा आयेगा। भारत में मेरे नाना और नानी वड़ोदरा में रहते हैं। मैं उनके घर में राउंगा। मेरे मामा और मामी भी मेरे नाना और नानी के साथ रहते हैं। मेरे मामा और मामी के दो बेटियां हैं। मैं उनको बेहन बुलाता हूँ। जब मैं भारत जाउंगा मैं मेरें बेहनो के साथ मजा करूँगा। मेरें  माता और पिता वड़ोदरा में युनिवेर्सिटी जाता थें तो वह मुझे उनके कालेज दिखाएंगे। वह मुझे उनके पुराने मकान दिखाएंगे। मैं अपने पुरे परिवार के साथ पूरा भारत घूमने जाउंगा। हम आगरा जायेंगे ताज महाल देकने के लिए। फिर हम  तमिल नाडु जायेंगे क्यों कि मेरी माँ वहाँ पैदा हुई थी। वह मुझे उनकी पुरानी घर दिखाएगी। हम वापस वड़ोदरा आएंगे। मैं वड़ोदरा से ट्रेन लेखकर जामनागर जायूँगा मेरे फूफा और फूफी को मिलने। मेरे फूफा और फूफी एक बड़ें घर में रहतें हैं। मेरे फूफा और फूफी के दोनों बच्चों यूनिवर्सिटी में पदथे हैं। मैं उनको मिलने भी जाउंगा।मैं उनके साथ रजिस्तान जाउंगा। हम बिकानेर देखने जायेंगे। बिकानेर बहुत खूबसूरत जगा हैं। वहाँ एक बहुत बड़ा होटेल हैं। हम एक हफ्ते के लिए वहाँ रहेंगे।
जब मैं भारत जायूँगा तब मैं सब लोग के साथ हिंदी में ही बोलूंगा। मैं भारत में गाड़ी नहीं चलाऊंगा क्यों कि भारत में गाड़ी चलाना बहुत खतरनाक हैं। मैं भारत में रिक्शा इस्तेमाल करता हूँ। शायद मैं गर्मियों में भारत जायूँगा। मुझे मेरे परिवार को देखने जाना हैं। मैं चार साल से भारत नहीं गया हूँ। मुझे भारत जाना बहुत पसंद हैं।

अगर मैं भारत जाऊँ

अगर मैं भारत जाऊँ तो मैं बहुत कुछ करूँगा। पहले मैं अमरीका से हवाई जहाज लेकर मुम्बई जाऊँगा। मुम्बई में मेरा मामाजी रहता हैं। मुम्बई में मैं शायद उसके परिवार के साथ रहूँगा। मुम्बई के बाद मैं शायद इलाहबाद जाऊँ। इलाहबाद मैं मेरा परिवार के बहुत लोग हैं, क्योंकि मेरे पिता जी बचपन में वहाँ रहते थे। मेरी माँ अपना बचपन में लखनऊ में रहती थी और अब ही तक उसकी कई भाई-बहन वहाँ रहते हैं। अगर मैं भारत जाऊँ, तो मैं शायद उन से भी मिलूँगा। अगर मैं भारत जाऊँ, तो मैं कुछ दृश्यावलोकन भी करना चाहूँगा। अगर मैं भारत जाऊँ, तो मैं कुछ दृश्यावलोकन भी करना चाहूँगा। एक चीज़ जो मैं देखना चाहता हूँ ताज महल है। ताज महल देखने के लिए मुझको आगरा जाना पड़ेगा। ताज महल बहुत मशूर हैं - वह दुनिया का सात करामाती में एक है। मैं नई दिल्ली जाकर इंडिया गेट जाना चाहता हूँ, और उस में अमर जवन ज्योति देखना चाहता हूँ। भारत में बहुत सरे मशूर मंदिर भी हैं, और अगर मैं भारत जाऊँ तो मैं कुछ मंदिर भी देखना चाहता हूँ। मैं गोआ भी जाना चाहता हूँ क्योंकि वहाँ बहुत सरे बीचे हैं, और मुझे समंदर के पास रहने बहुत पसंद है। मुझे तैरना भी पसंद है। गोआ पर्यटक के लिए बहुत अच्छा जगह है। मैं गंगा नदी भी देखना चाहता हूँ, क्योंकि गंगा नदी हिंदू धर्म में बहुत ख़ास हैं, और मैं हिंदू हूँ। अगर मैं भारत जाऊँ, तो बहुत मज़े आएगा।

where i will go in india

अगर में भारत जाऊं तो मैं चाहती हु। पहले मैं बैंगलोर में जाना चाहती हैं। मेरे परिवार वहां रहता है। मेरी दादी और नानी वहाँ रहते हैं। मैं तीन साल पहले भारत चला गया। मैं अगस्त में चला जाखर यह गर्मी था। अब मैं नवंबर में जाना चाहता हूँ। तो मौसम बहुत अच्छा होगा।

यदि मैं भारत जाऊं मैं ऑटो रिक्शा सवारी होता है। यह मेरा पसंदीदा है। मैं भी खाने की बहुत काउंगी। मैं आलू पारता और आम की लस्सी काउंगी। मैं भी बॉलीवुड को हवाई जहाज से यात्रा करेंगे। मैं ट्रेन से यात्रा नहीं करेंगे क्योकी यह बहुत तिलचट्टे होता। ट्रैन भी जोर और पुराना था।

मैं खरीदारी जाने के चाहते हैं। मैं बहुत कपड़े खरीदी। मैं एक सलवार कमीज़ खरीदना चाहती है। मैं अपनी बहन के लिए एक लाल सलवार कमीज़ खरीदना चाहती है। हम गर्मियों में उन्हें पहन सकते हैं। मैं बॉलीवुड जाएगी और हिंदी फिल देखूंगी।

मैं दिल्ली में जाना और ताज महल देखेंगे। मेरे कुछ परिवार भी वहाँ है। मैं कई मंदिरों का दौरा करेंगे। मैं सभी के आसपास की यात्रा करेंगे। मैं गोआ की यात्रा करना चाहती है। मेरी माँ छोटी होकर यह वहाँ गयी। उसने कहाँ बहुत मज़ा है। मैं समुद्र तट पर खेलना चाहते हैं

मैं भी गंगा नदी में खेलना चाहते हैं। इसमें स्नान करने के लिए अच्छा है। तब मैं बैंगलोर को वापस जाना होगा। मैं अपने परिवार के साथ समय बिताना होगा। उसके बाद मैं घर आएगा

अगर मैं भारत जाऊं

अगर मैं भारत जाऊं



आंगनवाड़ी कलोल में गुजरात में

“अगर” नहीं है । मैं इस गर्मिओं में भारत जाउंगी । पिछले साल मैने सुनी कि ब्लुलैब भारत में नया प्रोजेक्ट को शुरू कर रहा था । फिर पतझड में मैं ब्लुलैब जडी । मई में हम गांव गुजरात में जाएंगे । हम पानी का  निस्पंदन योजना स्थापित करेंगे । ग्रामीणों बहुत उत्तेजित और खुश कि हम आएँगे । मैं उत्तेजित वे मिलना है । हमने लोग आंगनवाड़ी में के साथ अक्सर बात किये

जब हम गुजरात में पहुंचते है हम बहुत व्यस्त होगी । हमें लोग मिलना और छबि प्राप्त करना और योजना बनाना चाहिए । भी हम ग्रामीणों सीखना चाहिए योजना के बारे में । हम वहाँ तीन  हफ्ते रहेगी । मैं चाहता है कि तीन और हफ्ते रहुँगी । मुझे भारत यात्रा करना चाहती है और मेरा भाषा सुधर करना चाहती है।

जब मैं भारत जाती हूँ मैं काफी कपड़े नहीं लुंगी । मैं भारत में कपड़े खरीदूंगी क्योंकि अपने कपड़े नहीं अच्छे हैं भारत के लिए । मैं नहीं अच्छा वस्तु - विनिमयकार हैं और भी अंग्रेजी में । मैं अब्यास करना चाहिए । शायद क्लास में हम माल बदलना अब्यास करें।  

मैं इंतजात नहीं कर सकती हूँ भारत का खाना के लिए । मैं शाकाहारी हूँ । कहीं ऐसा न हो वह मुसीबत हो। मुझे भारत का खाना बहुत पसंद है। अक्सर मैं वह पकती हूँ ।

अगर मैं भारत जाऊं

मैं पांच बार भारत के लिए चले गया था. मैं भारत के लिए जाना आम तौर पर जब मैं मेरे संबंधी देखता हूँ. अगर मैं फिर से चला गया तो, मैं उन सभी को देखना कि कोशिश करूँगा कि मैं सकते हूँ।  लेकिन मेरे परिवार बहुत बड़े हैं क्यों  कि मेरे पिता पांच बहन और एक भाई हैं और मेरी माता एक भाई और एक बहन हैं. मेरे संबंधी का एक बहुत केरेला में रहते हैं, लेकिन एक ही शहर नहीं रहते। अगर मैं भारत जाऊँ तो मेरी दादी के साथ रहना होगा क्यों कि वह हमारे घर रहती हैं कि मेरा पिता हमारे लिए बनाया गया था. वह बहुत अच्छा खाना बनाती है. मैं भी मेरे नानी और नाना का घर जाकर कुछ दिन रहना होगा। उम्मीद मेरे मौसी, फूफी, और मामा, हमें यात्रा आ सकते हैं, इतना हम सभी उनके घरों न जाते हैं। मेरी दादी हमें एक मंदीर ले जाएगा। मुझे आशा है कि मेरे बच्चे चचेरे भाइयों हमें यात्रा आ होगे क्यों कि उन के सात खलने चाहता हैं. अगर में भारत जाऊं तो मैं घर नाव पर झील बार जाना चाहता हूँ. जब मैं भारत में मैं बहुत आलसी हूँ और खाट पर लेटकर टीवी देखना चाहता हूँ. मैं मेरा भाई के सात कैरम खेलूंगा और शहर में चारों और चलूँगा। मैं भारत के अन्य भागों जाना चाहता हूँ जैसे ताज महल देख रहा हूँ। अगली बार मैं भारतजाउंगा मैं गोआ जाना चाहत हूँ क्यों कि मैं ने सुना था वह यात्रा करना के लिए बहुत अच्छा जगह हैं।

अगर मैं भारत जाऊं

अगर मैं भारत जाऊं तो मैं अपने नाना-नानी के साथ रहूँ। वे मैसूर में रहते हैं, उनके बेटी के साथ। मैंने उनको पिछले साल ही देखा लेकिन वे बूढे हो रहे हैं, और अच्छा हो कि मैं उनको इस साल भी देखूँ। वे ज्यादातर घर में रहते हैं क्योंकि नाना की तबियत बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन मुमकिन है कि हम मार्केट या कुछ रेस्टोरेंट जाएँ, और जरूर कि हम घर में स्क्रैबल खेलेंगे, बात करेंगे, और टी वी देखेंगे।

शायद बेंगलूरु भी जाऊँ। मेरी मौसी का बेटा वहाँ रहता है। वह मेरी उमर का है और इसलिये हम बचपन से दोस्त होते हैं। और मेरा एक प्यारा दोस्त भी वहाँ रहता है। अभी हम सिर्फ इन्टरनेट में बात करते हैं लेकिन बहुत अच्छा हो कि हम एक ही शहर में हों। काश कि मेरे सभी दोस्तों एक ही जगह में रहतें!

जब तक मैं भारत नहीं जाऊँ, तब तक मैं भारतीय भाषाएँ पढना चाहती हूँ। मैं कन्नड सीखना चाहती हूँ ताकि मैसूर के लोग के साथ बात कर सकूँ, लेकिन अम्रीका में कोई नहीं कन्नड सिखाता है।

एक दिन, मैं भारत में रहना और काम करना चाहती हूँ। कौन जाने यह जब हो। लेकिन जब भी मैं भारत जाऊँ, मैं बांसुरी पर कर्नाटक संगीत पढना चाहती होऊँ, और बहुत अच्छा खाना खाना चाहती होऊँ, और परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहती होऊँ।

In India I will..

अगर मैं भारत जाऊं, मैं अपनी परीवार को मिलूंगी। मैंने आगरा जाकर ताज महल देखूंगी। आगरा में, मैं पोस्टकार्ड खरीदूंगी। मैं अपने दोस्तों से उपहार खरीदूंगी। मैंने स्टेशन जाकर,मैं रेलगाड़ी आगरा से लेना चाहती हूँ. मैं दिल्ली जाउंगी। दिल्ली में, मेरे सारे परिवार रहते हैं और मैं इस लिए जाउंगी। दिल्ली बहुत बड़ा शहर है और बहुत ज़यादा मॉल हैं। मैंने मॉल जाकर बहुत चीज़ें खरीदूंगी। मैं एक क्रिकेट का जर्सी खरीदूंगी। मैं भारत में क्रिकेट मैच देखूंगी। मेरा मंद पसंद खिलाड़ी धोनी हैं. दिल्ली में मैं हिंदी फ़िल्म देखना चाहती हूँ. मेरे सबसे अच्छे फ़िल्म स्टार हृथिक रोशन है. भारत में मैं  रिक्शा जाना चाहती हूँ. मैंने रिक्शा लेकर सारे शहर देखूंगी। मैं बाज़ार जाना चाहती हूँ. बाज़ार में मैं झंझट करूंगी और मैं स्मारिका खरीदूंगी। भारत में मैं मंदिर जाना चाहती हूँ. मंदिर के बाद, मैं पुराना मकबरा देखना चाहती हूँ. मैं ऐतिहासिक चीज़े बहुत पसंद हूँ. मुझे भारत में लोदी गार्डन्स देखना चाहिए।
मैं बहुत ज़यादा खाने खाना चाहती हूँ. मेरे मंद पसंद खाना राजमा चावल है. मैं समोसे भी पसंद हूँ. भारत में मैं हिंदी बोलना चाहती हूँ. मैं इमारत पर हिंदी संकेत पढ़ना चाहती हूँ. मेरी हिंदी ज़यादा बढूंगी।
भारत में मैं हाथी चढ़ना चाहती हूँ. भारत में मैं हाथी चढ़ना चाहती हूँ. मैं हाथी के साथ फ़ोटो खीचुंगी। भारत में मैं नाच करुँगी। मैं भंगड़ा सीखना चाहती हूँ. मैं मेहँदी लगाना चाहती हूँ. भारत में मेरे परिवार को टाइम स्पेंड करना चाहती हूँ. मैं भारत में ज़यादा चीज़े करुँगी।

Supriya - अगर मैं भारत जाऊं

अगर मैं भारत जाऊं
अगर मैं भारत जाऊं तो मुझे वहाँ एक गांव में सेवा करना जाना हैं। भारत में आज-कल अगर बारिश नहीं होता है तो किसान कम फसल उग्जा सकते हैं। इसलिए, किसान कभी कभी इस समय में बहुत उदासी हो जाते हैं। वे सोचते हैं कि जीवन में कोई अर्थ नहीं हैं। मैं चाहती हूँ कि भारत जाकर किमान को मदद करूँ। मुझे किसान के लिए एक गाँव का सेंटर शुरू करना चाहिए। वहाँ किसान को अच्छा काम करना मिलेंगे और मैं उसको प्रोतसाहन करुँगी। अगर किमान को नये काम करना मिलेंगे तो वे शायद खुश में रेह सकते हो। कभी कभी लोगों को सिर्फ आशा की जरुरी है।
मुझे डाक्टर या फिजियोथेरपिस्ट बनना चाहियें। इसलिए मैं डाक्टर बनकर, भारत जाउंगी और बीमार किमान को इलाज करने की कोशिश  करुँगी। संभव है कि मैं भारत जाकर अमरीका को नहीं वापस आउंगी, क्योंकि मुझे भारत बहुत सुन्दर और विविध देश है। वैसे भी है कि इस देश में बहुत गरीबी है और गरीब लोगों को आशा और मदद चाहिए। शायद मैं एक - दो साल के लिए भारत में रहूंगी।
भारत मेरा मात्र देश हैं, और इस लिए मुझे यहाँ जाकर लोगों को मदद करना चाहियें। वहाँ जा कर मुझे भी बहुत सीखना मिलेगा।

अगर मैं भारत जाऊँ

     अगर मैं भारत जाऊँ तो मैं बहुत सारे स्थान देखना चाहता हूँ लेकिन पहले मैं मुम्बाई में दोस्तों को मिलना चाहता हूँ और दिल्ली और रोहतक में अपने परिवार से मिलना चाहता हूँ। मुम्बाई के पास दो हिल स्टेशन हैं जो मैं देखना चाहता हूँ। उनके नाम महाबलेश्वर और माथेरान हैं। माथेरान में गाड़ियां नहीं जा सकतीं तो वहाँ सब पैदल चलते हैं और बहुत शान्ति है, जैसे मिशिगन में मैकिनौ आइलैंड है। वहाँ बहुत खूबसूरत पहाड़ और नज़ारे हैं।

     दिल्ली में भी देखने के लिए बहुत जगह हैं। पहले जब दिल्ली गया था तो बस परिवार को मिलने में ही वख्त निकल गया पर अगली बार जब मैं जाऊँगा तो दूसरी चीज़ें देखना चाहूँगा जैसे लाल किला, कुतुब मीनार, और बहाई मंदिर। मेरा दिल है कि मैं जयपुर जाऊँ जो दिल्ली से साढ़े चार घंटे का रास्ता है। जयपुर में बहुत सारी चीज़ें हैं देखने के लिए। हवा महल, जल महल, और रामबाघ महल की तस्वीरें बाहुत ही सुन्दर लगतीं हैं और उन्हें देखने को दिल चाहता है। जयपुर जाने के बाद अस्साम जाना चाहता हूँ। वहाँ पर मेघलाया में लिविंग ब्रिडगेस पर चलना चाहता हूँ जो पेड़ों की जड़ों से बनी होती हैं। अस्साम में चाय बाग़ान भी देखना चाहता हूँ।

     अंत में मैं हिमालय पहाड़ के सारे खूबसूरत नज़ारे देखूँगा। लद्दाख जहां पे बहुत सारे पहाड़ और झीलें हैं जैसे त्सोमोरीरी झील जिससे देखकर लगता है कि मैंने ऐसा नज़ारा कभी नहीं देखा।

     जब से मैंने यह ब्लॉग लिखना शुरू किया मैंने बहुत सारी जगहे देखी और अब दिल करता है कि मैं भारत का हर कोना घूमूँ। कश्मीर से पंजाब का गोल्डन टेम्पल और वहाँ से केरल तक जाना चाहता हूँ लेकिन मुझे लगता है कि एक बार में सब कुछ देखना मुमकिन नहीं है। इस ही लिए मुझे दो या तीन बार और जाना होगा ताकि सब कुछ देख सकूँ।

     मुझे लगता है कि भारत दुनिया की सबसे सुन्दर जगह है।  

Saturday, November 2, 2013

अगर आयेशा भारत जाए


अगर मैं भारत जाऊँ तो मैं चाहती हूँ कि मैं बहुत जगहे जाऊँ। लगभग हर साल मैं भारत जाती हूँ, मगर आम तौर पर मैं बोम्बई और गोआ ही जाती हूँ।  अगले बार, मैं दक्षिण भारत की यात्रा करनी चाहती हूँ। वहाँ, संस्कृति बोम्बई से बहुत अलग है, और मेरे लिए यह काफी दिलचस्प बात है।
काश है कि मैं शेर आरक्षण को भी जाऊं। मेरे मन में, शेर सब से महान जानवर है और इसलिए मैं उनको देखना चाहती हूँ।  इस चीज़ के लिए मुझको लगता है कि मुझे काफ़ी समय नहीं है कयोंकि वे विलुप्त हो रहे हैं।  यद्यपि मैं उनको छू न सकूंगी, मैं उनको देखकर खुश रहूंगी।
अगर मैं भारत जाऊं, शायद मैं अपनी साहेली की साथ जाऊँ।  वह एल सैलविडोर से है, लेकिन उसकी मनपसंद देश भारत है।  वह चाहती है कि एक दिन वह भारत जाए। मेरा विचार है कि अगर मैं उसको बोलूँ कि मैं जा रही हूँ, फिर वह भी आख़िरकार भारत आएंगी। भारत पहुँचकर, शायद हम दिल्ली और आगरा जाएँ और ताज महल देखें। मैं चाहती हूँ कि मैं कश्मीर भी देखूँ। 
अपनी सहेली और मुझे चाय बहुत पसंद है, तो मैं नीलगिरि जाना चाहती हूँ।  वहाँ, हम ताज़ी चाय पी सकें। 
सब से बड़ी ज़रूरी है कि अगर मैं भारत जाऊं, मैं अपने नाना-नानी और दादी को मिलने जाऊँ।  मैं उन्होंको बहुत प्यार करती हूँ, और उनको मिलने बिना भारत को  कोई यात्रा पूर्ण नहीं है।