Wednesday, November 20, 2013

Homework 18: अपनी भूल

आयेशा  मेहरोत्रा की भूल

जब हम छोटे होते, हम बहुत सारी  गलतियाँ करते हैं।  उस उम्र में, हम जानते नहीं क्या - क्या मना है या ना । मगर हम ये अनुभव से सीखते है और भविष्य में अलग करते हैं।
दिसम्बर २००१ में मैं सात साल की थी।  मेरे परिवार और अपनी माँ के फुफेरे भाई के परिवार गोआ गए थे। तब, मैं बॉम्बे में रहती थी मगर अपनी माँ के फुफेरे भाई के परिवार कनेक्टिकट में रहते थे।  इस लिए , मैने उसको बहुत बार नहीं मिले थे।  एक दिन, हम सब खाने गए।  जब मैं सात थी, मैं अपने पिता से सब कुछ मंगवाती थी  - कोई नये खिलौने खरीदने के लिए या जब मैं थकी थी, मुझे उठाने या हमेशा मेरे खाना ख़त्म  करने।  इस दिन ख़ास नहीं था।  मुझे कुछ ना कुछ चाहिए था और मैं अपने पिता के लिए ढूंढ़ने गयी।  
अचानक अपनी आँखे के समतल में मैंने एक बालों हाथ देखी।  उसपर एक काली घड़ी थी और घड़ी पर चांद थी - यह अपने पिता जी की घड़ी ही थी ! थोड़ा  ऊपर देखकर मैंने नीली और साफेद धब्बेदारी की  कमीज़ देखी। मेरा पिता हमेशा  ऐसी वाली कमीज़ पहनता था। उसका मनपसंद दुकान "फैब इंडिया " से था।  मैं दौड़कर उस हाथ को पकड़ा लिया और खींचने लगा। मैं यह सब बिना सोचकर कर रही थी।  इतने में, हाथ का मालिक ने नीचे मुझे देखा।  “क्या हुआ, माशूक़?”  
मगर अपने पिता की आवाज़ इतनी अजीब क्यों था? मैंने  अपनी सिर को ऊपर की।  हमारे आँखे मिले - वह अपना मामा था। तबी द्यान आई कि मेरी माँ कहती थी की उसके फुफेरे भाई और मेरे पिता को एक रूप के कपडे पसंद थे।  मुझे मालुम नहीं था अब क्या करने तो मैं उसके हाथ छोड़कर वहाँ से चीखकर भाग गयी।  सब लोग हसने लगे और मुझे मालूम हुआ कि बच्चे के तरह करने के पहले सोचो कि मैं  किसके सामने हूँ।
तीन - चार महीने के बाद मेरा मामा की गाड़ी टक्कर गयी और वह मर गया।  यद्यपि अपनी भूल शर्मनाक है, मैं मुस्कुराकर याद करती हूँ क्योंकि यह अपने मामा के साथ मेरे अंतिम और मनपसंद स्मृति है।



मेरी भूल

हाँ, वास्तव में पिछले हफ्ते मुझसे कुछ भूल हुई।  मैं रोज़ यूनिवर्सिटी में एक  प्रयोगशाला में कैंसर अनुसंधान का काम करती हूँ। मैं अक्सर बहुत देर रहती हूँ क्योंकि मेरे मालिक रोज़ जल्दी घर जाता हैं , और घर जाने से पहले वह मुझे करने के लिए बहुत काम देते है। मैं आमतौर पर साढ़े छे या सात बाजकर घर जाती हूँ, लेकिन एक दिन मैंने सिर्क साढ़े आठ बजकर अपना काम अंत किया, और जब मेरी समास्याओं ने शुरू की।


पिछले हफ्ते, मैं हमेशा कि तरह प्रयोगशाला में काम कर रही थी। उस दिन मेरे मालिक ने कहा कि उसको भुकार था और उसको लगता है कि वह बीमार हो जाएगा। इस लिए, उसने कहा कि वह जल्दी से घर जाएगा, और हम कल फिर से मिलेंगे। जब मालिक गया मेरे पास बहुत काम था, तो मैं तीन और घंटे के लिए रुकी।  काम कर के बीच में मुझे बहुत भूक लगी थी क्योंकि मैंने सारे दिन कुछ खाना नहीं खाया, और इसलिए मैंने भोजनालय जाकर कुछ खाना ख़रीदा। लेकिन  जब मैं खाना खाकर वापस आयी, मुझे मालुम हुआ कि दरवाज़ा ताला लगा! और मेरे सामान अंदर थे! मैं दूसरे पक्ष के लिए चला गयी, और एक मैंने एक औरत से पूछा कि क्या कोई मेरी मदद कर सकता था? वह दरवाज़ा अनलॉक करने के लिए चौकीदार को बुलाया, और उसने दरवाज़ा अनलॉक किया। लेकिन जब मैं अंदर गयी, मैंने अपना सामान खोज नहीं किया! इसके बाद मुझे मालुम हुआ कि मैं वास्तव मैं सातवीं मंज़िल के बजाय छठी मंज़िल पर था और सातवीं मंज़िल पर दरवाज़ा खुला था।  मैं इस भूल से सीख कि कुछ काम करने के पहले सोचना चाहिए और सरे भ्रम बचने सकता हूँ।

जब मुझे भूल हुई

एक दिन जब मैंने मनोविज्ञान क्लास में था मेरा प्राध्यापक ने सब छात्र को एक परीक्षा दे। इस क्लास में हम आमतौर पर परीक्षा पता नहीं ले पड़ेगा। हमें भी हमारे नोट्स कि इस्तेमाल करता हैं लेकिन मैं कभी नहीं पढ़ा। मैं कभी नहीं जानते हूँ तो मुझे जानता था कि मैं खराब ग्रेड ले लूंगा। मेरा प्राध्यापक ने हमारे कहा कि इस परीक्षा पे हम एक सात कम करता सकता हैं। मुझे जल्दी से बहुत खुश हो गया। अगर मैं एक साथ काम किया तो शायद मैं अच्छा ग्रेड ले जाएग।यह परीक्षा दस बजकर ग्यारह बजे लगे और हम एक घंटा में ख़त्म करना पड़ा। मैं और मेरा दोस्त एक साथ क मकरना चाहता था लेकिन किसी तरह हम दस लोगों के साथ काम कर रहे थे। हम एक कागज़ दे तो मैं ज़रूरत हैं कि हम सही जवाब लिखे। ४५ मिनट के बादमुझे हमारे परीक्षा कि कोज़ कर रही हैं लेकिन कोई दूसरे समूह के साथ कह रहा था तो मैं पूछा, "क्या हम सब सवालें एक जवाब लिखें" औरवह नहीं जवाब दे तो मैं कागज़ ले। मुझे सोचता हैं कि सब जवाब गलत था तो मैं मेरा जवाब लिखी। जब हम परीक्षा वापस आए हम 7.5/10 दे। मेरा जवाब गलत था और वह जवाब उसकी लिखी सही थी। मैं बहुत शर्मिंदा हो जाते हूँ। मैंने उस लोगों टालना कोशिश किया क्योकि मुझे बहुत ख़राब लगा। मैंने अपने बारे मैं बहुत चीज़ें सीखें। पहले मैंने दोबारा बड़ा समूह में हरगिज़ नहीं कम करूँगा और मैं हमेशा मेरा समूह के साथ जवाब के बारे कहउंगा। 

Tuesday, November 19, 2013

Amelia -मेरी भूल

मैं अपने जीवन में कई गलतियाँ की है, लेकिन उन सभी से कुछ सीखा है। मैं किसी भी बड़ी गलतियों पर पछतावा नहीं है क्योंकि वे मुझे कई सबक सिखाया। लेकिन मैं कई छोटी गलतियों किया है और उनमें से कई बहुत ही अजीब और शर्मनाक थे। मैं गलती से इस गर्मी में हुआ याद कर सकते हैं, जब मैं श्रीलंका गया था।  मेरी यात्रा बहुत लंबी थी और यह मेरी पहली बार अपने आप से उड़ान गया था। मेरी पहली उड़ान डेट्रॉइट से शिकागो गया था, और मेरी दूसरी उड़ान शिकागो से दोहा गया था। मैं अपनी उड़ानों केवल के बीच एक घंटे की थी। यह मेरी उड़ान पकड़ने के लिए बहुत मुश्किल होने जा रहा था। मैं शिकागो में विमान उतर गया है, जब मैं अपने टिकट को देखा और टर्मिनल दो पढ़ा। मैं बहुत परेशान हो गया क्योंकि टर्मिनल दो एक अलग इमारत में था।  मैं एक फ्लाइट अटेंडेंट पूछा और वह मुझे एक रेल गाड़ी की सवारी करनी कहा था।  वह मुझे सवारी बीस मिनट बताया और मैं मैं आंतक शुरू किया।  ऊफ, कैसे मैं समय में वहाँ मिल जाएगा?! मैं अगले रेल गाड़ी मिलकर क़तर एयरलाइन्स बूथ खोजने की  कोशिश किया। मैं कहीं भी कतर एयरलाइनों नहीं देख सकता था और अंत में यह कहाँ किसी ने पूछा।  वह मुझे यह टर्मिनल एक में था बताया! मैं बस वहाँ से आया है! मैं बहुत बहुत परेशान था! मैं जल्दी से टर्मिनल एक वापस करने रेल गाड़ी सवार होकर क़तर एयरलाइन्स गेट पाया। मैं विमान में सवार होने वाले पिछले व्यक्ति था और सिर्फ दस अतिरिक्त मिनट था।  क्या एक तनावपूर्ण गलती! लेकिन मैं एक महत्वपूर्ण सबक सीखा: अपने टिकट क्या कहते कभी नहीं भरोसा! अब, मैं हमेशा अपने विमान है जहां पुष्टि करने पूछना होगी।  अब मैं अपनी उड़ान याद आती कभी नहीं होगा! 

Mistake

मुझसे एक बार भूल हुआ जब मैं फ्लोरिडा में था। मैंने इस फरवरी को "स्प्रिंग ब्रेक" में एक हफ्ते के लिए फ्लोरिडा में था। मैं "हैबिटैट फोर हूमनिटी" के लिए अपने दोस्तों के सात मकान बना रहा था। उस हफ्ते में हमने दो मकानों को पेंट किये और चार मकानों के लिए छत बनाएं। यह सब काम से मुझ को बहुत मज़ा आया, और हैम सभी बहुत तका भी हुए। हफ्ते के अंत पर हमने वापसी एन आर्बर आने के लिये तैयार हुए। हैम गाडी चलाकर वापस आए। हर गाड़ी में पांच - पांच लोग थे। जब हम चलने शुरू लगा, मेरी गाड़ी में एक लड़की गाड़ी चला रही थी और मैं "कोपाइलट" था। मेरा काम था की मैं उस लड़की पर ध्यान रखूं ताकि वह गलत रास्ता से नहीं चली या उसको नींद नहीं आयी। लेकिन शुरू होने में सिर्फ दस मिनट के बाद, मैंने भूलकर मेरा फोन पर कुछ देख रहा था, और हाइवे छूट गया! इस भूल से हमको किसी और हाइवे लेने पड़े। इस की वजह से, जब दुसरी तीन गाड़िया फ्लोरिडा का पूरब तट से चल रही थीं, हमारी गाड़ी फ्लोरिडा का मध्य से चली। तीन घंटे के बाद हमने और सब लोग से मिलपाया, जब हमने फ्लोरिडा से निखले। इस भूल से मैंने कुछ सिखा है। मैंने सीखा की जब कोई गाड़ी चला रहा है, हम हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि हम सही रास्ते से चल रहे है। अगर ध्यान नहीं रखा, तो आसान से खो सकते है। शुरू होने से, एन आर्बर पहुँचने में पचीस घंटे लगा।

hw18

कुछ साल पहले, मैं इन्डिआना में रहती थी। एक रात, मैंने एक सहेली का घर जाना का निश्चय किया। उसका घर मुझसे काफी दूर था−गाडी से जाने में लगभग आधा घंटा लगा था। मौसम भी खराब था–बारिश गिर रहा था, और बाहर बहुत काला था। लेकिन मुझे जानती थी कि उस रात एक बहुत मज़ेदार पार्टी थी और मेरे सब दोस्त वहाँ होंगे। इसलिये, मैं गाडी में बैठ गयी और मैंने घर छोडी।

मैं शहर के अंत की ओर में चलाई। मैं अपने पुराने हाई स्कूल के पास गयी। लेकिन कुछ समय के बाद, दाएँ को जाने के बजाय, मैं सीधे ही गयी। इस तरफ जा-जा करके मुझे पता लगा कि मैं गलती जगह में थी। मैं किस ओर को जा रही थी? मैं कहाँ थी? मुझे मालुम नहीं था। लेकिन उस क्षण में मैंने एक साईन देखा−“वाईट कौन्टी”।

मैंने कैसे दुसरे कौन्टी पहुँची थी? क्या मुसीबत! मैं सतर्कता बिना गयी थी।

अंत में, मैं वापस आ सकी, लेकिन पार्टी के लिये बहुत देर लगी। मुझको यहाँ सिर्फ एक घंटा लगा था और फिर से वापस घर गयी।

मैंने इस अनुभव से सीखी कि अपनी गाडी चलाने का कौशल बहुत खराब है। मैं उस तरह दूसरे बार रात में चलाना कि कोशिश नहीं करूँगी!

My Mistake

एक बार मैं एक भूल हुआ। वह दिन बहुत गर्म और बहुत धूप थी।  मैं लगा कि कुछ नेही खराब करें।  मैं अपना घर को चला जब अनायास यह बारिश के लिए शुरू किया।  यह बहुत खऱाब था क्योंकि मेरा बैग में मेरे पास एक कागज़ क्लास पर था।  यह एक साधारण कागज़ नेही था; यह एक टर्म कागज़ था, मतलब कि मेरा ग्रेड उस क्लास में उस कागज़ पर निर्भर किया। अगर मैं जल्दी अंदर नेही गया, तो मेरा कागज़ बहुत गीला लगें। उदासी सी मैं अंदर में बार में नेही गया, और मेरा कागज़ बहुत सिक्त था। अभी, यह दुनिया का अंत नहीं था।  मेरे पास एक प्रती था।  लेकिन, एक समस्या था।  मेरे पास क्लास एक घंटा में था, और मैं एक कॉम्पुटर के पास कहीं नहीं था। तथापि, मैं जानता था कि मैं अपना घर को बार में दौड़ें।  मैं जल्दी से घर दौड़ा, और जब मैं वहाँ आया मैं जल्दी से एक कॉपी प्रिंट किया।  उसके बाद मैं बहुत कुश था क्योंकि मैं जानता था कि मैं काफी तेजी दौड़ें।  मैं अपना क्लास बार पर आया।  जब मैं ने अपना शिक्षक को अपना कागज़ दिया और मेरा चेरा पर एक मुस्कान था।  लेकिन, मेरा मुस्कान नष्ट हुआ जब मेरा शिक्षक ने मुझे कहा कि वह कागज़ एक अलग कागज़ था! मैं बहुत उदास जब यह हुआ।  शुक्र है मेरा शिक्षक ने मुझे बाद में अंत करना अनुमति देया। उस कागज पर मैं एक अच्छा ग्रेड मिला।  इस से मैं सीखा कि मैं हमेशा एक छाता ले जाना चाहिए।  

HW 19- सुप्रिया कि भूलें

सुप्रिया जळूकर ११/२०/१३
HW 18: क्या आपसे कभी कोई भूल हुई है? अगर हुई है तो क्यों और कैसे? अपने इस भूल से क्या सिखा।

सब लोंगों को कभी न कभी भूल हो जाती है. पिछले गर्मियों में, जब मैं भारत में थी, मैंने एक भूल की। एक शनिवार को मैं मेरी दादी जी के मिलने गई। घर आकर, मेरी दादी जी ने कहा कि हम कुछ देर में एक चाचा या चाची के शादी से जा रहे थे। मेरी फूफी भी आई थी, तो इस लिए, उसने मुझ को कहा कि फूफी को बुलाई। मेरी फूफी इस ही पड़ोस में रहती थी. जाने के पहले, दादी जी ने  मुझ को एक कमीज़ दिया। मुझ को कहा कि इस कमीज़ पर इस्तरी करना। इस कमीज़ फूफी की कमीज़ थी। मैं कमीज़ के नीचे एक सफ़ेद चादर डाली और इस्तरी भी शेल्फ से लाई।  इसके बाद, मैंने कमीज़ को इस्तरी करने में लग गई। 
तभी ही मुझे बहुत भूक लगी, और मैं सोची, एक-दो मिनुत में मैं वापस आउंगी काम ख़तम करने के लिए।  मैं रसोई में गई, कुछ चावल खाने के लिए।  लेकिन जाने के पहले मैंने इस्तरी मेज़ पर डालने के भूल गई थी! इस्तरी कमीज़ पर  रखती थी।  मैं खाना खाकर कमरें में वापस आई, तो देखकर मैं डर गई।  कमीज जल गई थी। मैं कमीज उठाकर देखा तो कमीज पर एक बड़ा गोल दाग था।  मैं सोची कि अगर दादी जी को पता लगा कि मैंने इस्तरी करने में फूफी की कमीज जलाती थी तो वह जरुर मुझ पर दोष लगाउंगी। इस लिए, मैंने चुप चाप कमीज अलमारी में डाली और फिर दूसरा कमीज लाई, फूफी को देने के लिए।  
कुछ देर में, मेरी दादी जी ने अलमारी में देखा उनको मेरी भूलें के बारे में मालुम हुआ। मुझे बहुत शर्म आई। लेकिन मेरी दादी जी बहुत ज्यादा नाराज नहीं थी।  उन्होंने ने कहा कि यह सिर्फ एक भूलें थी, और दोबारा और ध्यान से काम करना जरुरी है।  इस दिन मैं सीखी कि सब लोंगों को भूलें होते है, लेकिन इस भूलें से नई कुछ सीखना जरुरी है। 


Homework 18 - एक भूल

एक बार, हाई स्कूल में, मैंने  बड़ा भूल किया था. ग्यारा ग्रेड में, मेरे पास इम्पोर्टेन्ट असाइन्मेंट है, मगर मैं ने याद नहीं किया। यह असाइनमेंट बहुत आसान क्लास के लिए था और उस समय  मेरा ग्रेड बहुत अच्छा है इतना यह क्लास पर ध्यान नहीं लगाता था. यह क्लास ह्यूमन बायोलजी था. मुझे लगता है कि यह क्लास हमेशा आसान होगा, लेकिन मैं बहुत गलत था. क्यों कि मैंने  सोचा कि यह आसान होगा, मैं कभी नहीं मेरा नोटबुक पर होम्वोर्क नहीं लिखता। मैं ने सोचा कि जब भी होमवर्क या असाइनमेंट हो, मैं याद करूँ। जब सेमेस्टर का अंत निकल आ गया था, मैं भी इस क्लास पर ध्यान नहीं लगाया था क्यों कि मेरे अन्य क्लास बहुत मुश्किल थे और उनके पास परिक्षे थे. इस क्लास के पास परीक्षा नहीं मगर इसके पास फ़ाइनल प्रोजेक्ट था. शिक्षक ने क्लास को प्रोजेक्ट के बारे में नियत तारीख दो हफ्ते पहले बताया। मैं योजन किया  अपने परिक्षे ख़त्म करने के बाद इस प्रोजेक्ट शुरू करूँगा। कि बूरा विचार था. जब मेरी परीक्षा ख़त्म कर रहे थे मैं सिर्फ आराम करना चाहता था. इस वजह से, मैं प्रोजेक्ट के बारे में याद नहीं किया। मुझे शिक्षक को एक्सटेंशन के लिए पूछना पड़ता था. वह हैरान था क्यों कि मैं ने सभी अस्सिगमेंटस इस को छोड़कर किया था. मैं वह मेरे लिए बुरा लगी लगता क्यों कि उसने मुझे दो दिन दिया इतना मैं प्रोजेक्ट ख़त्म करना सकूंगा। फिर भी वह मुझे अर्थदंड दिए लेकिन सिर्फ थोडा है। मैं बहुत भाग्यशाली था 

My mistake

मैं बहुत छोटी छोटी भूल करता हूँ। मैंने कभी इतना बड़ा भूल नहीं किया है जिस से मुझे बहुत शर्म आया है।  जब भार बहुत ठंडा हो ता है तब  पानी बरफ बन जाता है। बरफ बहुत रपटीला हो ता है। मैं कभी कभी बहुत अनाड़ी हो सक ता हूँ। मैं हर सर्दी में बरफ के ऊपर चलता हूँ। मुझे बरफ के ऊपर चलना पड़ता है क्यों कि मिशिगन में बहुत ठंड हो ता है और आन आर्बर में कोई सड़क को साफ नहीं करता है। शायद सरकार के पास सड़क साफ करने के लिए पैसा नहीं है। पिछले साल मैं बरफ के ऊपर चल रहा था और मैं फिसलगया। मैं गिर गया और मुझे चोट लग गया। मैं हर साल फिसलता हूँ और बहुत लगता है। मैं गिर गिर कर सिखा हूँ के बरफ के ऊपर चलना नहीं चाहिए।
बरफ बहुत खतरनाक हो सकता है। मैंने सिखा है के बरफ के ऊपर चलना पड़े तो  दयान से और धीरे से चलना चाहिए। अगर कोई गिर रहा हो तो उनको पकड़ने कि कोशिश करनी चाहिए और पकड़ नहीं सकते हो तो उनको धीरे से गिरने देना तो चोट नहीं लगेगा। आप को बरफ नहीं अच्चा लगता है तो आपको मिशिगन में नहीं रहना चाहिए आपको गर्म जगे में रहना चाहिए। मुझे भी मिशिगन से बार निकलना है। मैं शायद फ्लोरिडा जाऊँगा। फ्लोरिडा में कभी बरफ नहीं गिरता है। मुझे बरफ के ऊपर नहीं चलना पड़ेगा तो मैं कभी नहीं फिसलूँगा। मैं सिर्फ साफ सड़क के ऊपर चलूँगा। सब लोग को बरफ का दयान रकना चाहिए।

मेरी बड़ा भूल :

मेरी बड़ा भूल :

एक दिन मुझे डेंटिस्ट जाना चाहिए था । मैं तेरा साल ही हूँ और मेरे छोटी दांते ने हड़ताल कर देन नहीं पाया। नियुक्ति लम्बी थी और मुझे सडेटैड होना पड़ा ।  डेंटिस्ट मेरी मुंह से पांच दांते हटाना चाहिए था । इस बड़ा मुसीबत थी क्योंकि मेरा ड्रेस-रिहर्सल “विज़ार्ड अव आज़” के लिए वाही दिन पर था। लेकिन मैने नहीं रोक रखी। मेरा बड़ा किरदार था । मैं आंटी एम था! मैं पागल बढ़ी औरत थी। सर्जरी के बाद मैं बहुत बेहोश था लेकिन मैं मेरी माँ माना कि मुझे ड्रेस-रिहर्सल जाना चाहिए । मैं रिहर्सल आकर ठीक लगा था लेकिन मेरा मुंह बहुत सुन्न था। मैंने बोलना पाना नहीं। मेरी मुंह रुई भरा । रिहर्सल का शुरुआत अच्छा लगता था -- मैं केवल दृश्य अभिनय किया जब किसने मेरे मुहावरे बोले । तथापि बाद में मेरा मुहं लार के साथ भर गया । उस लार मेरा मुंह बहर से मेरी कमीज़ पर बहने लगा । मैने नहीं देखी तब तक रिहर्सल के बाद मुझे मेरी कमीज़ गीली लगा । मुझे लगता था कि उसने कोई नहीं देखा ।

समय पर मैं शर्मिंदा नहीं था । मेरी काफी अनेस्थेटिकस थी । अब मैं वह बड़ा भूल सोचती हूँ । मेरी दोस्तों को मैं बहुत सनकी लगती थी । शायद मैं सदैव सनकी थी । शायद उन्होने मैं “आंटी एम” हूँ नियुक्त किये क्योंकि मैं रोज़ क्रेज़ी करती हूँ । वैसे वह सदा आमोद जनक कहानी था ।

mistake

एक दिन, शायद तीन साल पहले मैं अपने परिवार के साथ भारत में था. मुझे, मेरी माँ और बहन बैंगलोर से केरला में जाना चाहता था. मुझे और मेरी बहन एक ट्रेन पर कभी नहीं गया था. जब मेरी माँ एक छोटी लड़की थी, वह गाड़ियों पर चला गया. जब वह छोटा था, वह रेलगाड़ी पसंद आया. अब, मुझे, मेरी माँ और मेरी बहन रेलगाड़ी पसंद नहीं है. ट्रेन में छोटे और गंदे था. हम ट्रेन में आए और हमारे कुर्सी पर बैठ गया. रात के खाने के लिए वे बकरे का मांस सेवा कर रहे थे. मैं बकरे का मांस पसंद नहीं है.

मैं बकरे  का मांस खाना करना चाहता नहीं है. लेकिन ट्रेन बारह घंटे लंबा था. मैं बहुत भूख लगेगी। मैं क्या करना है पता नहीं था. फिर भी, मैं बकरे का मॉस देखा। यह बहुत सकल देखा। मैं बकरे का मांस खाना करना नहीं। मेरी माँ और बहन दोनों बकरे का मांस खाया. वे खुश नहीं थे. लेकिन ट्रेन में बहुत ऊबड़ था. मैं बीमार महसूस करना शुरू किया। मैं सारा दिन नहीं खाया था. मैं बाथरूम खोज किया। मैं यह नहीं मिल सकता है. मैं बहुत उलझन में था. मैं ट्रेन परिचर पूछा "बाथरूम कहाँ है?" वह मुझे वहाँ ले गया. यह रेलगाड़ी में एक छेद था. मैं चौंक गया था! मैं बहुत परेशान लगी थी. यह बहुत ही घृणित था. यह गंदा था और मैं फूहड़ करने पड़ा। मैं एक सबक सीखा: एक ट्रेन पर जाने से पहले हमेशा खाना

Mistake


    मैं बहुत अनजाने से भूल काम किया।  मैं घर में कभी कभी अपने माँ के साथ रसोईघर में हाथ देता हूँ।  लेकन मैं कभी मोका नहीं पाया कुछ पुरे पाखाने का। मैं धीरे धीरे बंगाली खाना केसे पखाना का माँ से सिकी।  माँ ने मुझे हर समय कहती हैं पढाई मैं मन लगाना के लिय और रसोईघर मैं नहीं। थो मैं किया करों? मैं तो बढ़ी हुई और मुझे पाखान सिकना चाहिए। 

    जब मैं यूनिवर्सिटी में ऐई थो मैं दो साल दोर्म मैं रही।  तब मुझे पकाना नहीं लगता था।  यह साल मैं दोर्म मैं नहीं रही थी हैं और अपने अपार्टमेंट मैं रहती हूँ। तो मैं अपने आप खाना पाकाती हूँ।  मेरी माँ जब अन्न आर्बर में आती तब मेरी लिय खाना लाई।  फिर भी, खाना पकाना मेरी शोक है।  

       वेसे भी, एक दिन मैं रसाईघर मैं गायी कुछ बनाने के लिय। मेरी घर मैं नमक और चीनी जार मैं है। तो मैं भूल कर करी मैं चीनी दाल दिया और नमक नहीं दिया।  मेरी माँ कहते हैं सब समाये नमक देना का पहेले करी और नमक टास्ते करना चाहिए।  तो मैं टास्ते नहीं किया। मैं चीनी दाल दिया। मैं सिका पहले सब चीज़ टास्ते करने के।    

My Mistake

मै हमेशा कोइ न कोइ भूल कार्ति हूँ। मैने कभी इतनी बादी गल्ति नही कि जो मुझे बहुत ज्यादा श्रम आई। मैन हमेशा गिर जति हून या कुच गिर दे ती हूँ। एक दिन मेरी मा कि चाचा के घर मे गए थे खाने के लिए। वहा बहुत लोग थे। मैन मदद कर्ने लागी थी। मैं करी के कटोरे हटा रही थी जब मैं गलती से कतोरी एक लड्की क बांह के उपर सरे गीरा दी. मुझे इतने श्रम आई, मेरे सरे चेहरे लाल हो गई। मैने बहुत बर माफी मांगी। लड्की नाराज़ नही थी लेकिन मुझे बहुत खराब लागि। मैं कमरे से भाग कर उपर वाले कमरे मैन चली गई। मैन रोने लग थे। मुझे समाज नही आई कि मै क्यों इतने रो रही थी। शायद क्यों कि मै अपने नानी को तकलीफ दिया या शर्मिंदा किया। लेकिन सब ने कहाँ कि कोइ बात नही है। येह सब हो ता रहता है। मेरी नानी ने कहाँ के वोह इतनी अच्ची ही नहीं है तोह मेरी नानी को कोइ तक्लीफ नहीं हुइ। हसने के बात येह है कि उस रात पर जब हम केक बात रहे थे तोह कोइ और उस लड्की पर केक गीरदिया। मुझे इस तरह के श्रम कभी नहीं महसूस किया। लेकिन जब मेरी नानी इस बात पर हासी तोह मुझे सकून मिली।

मैंने एक दिन बहुत बड़ा भूल हुई

Aneesha Arora
Asian Language 215
मैंने एक दिन बहुत बड़ा भूल हुई. पिछले साल मैं साइकोलॉजी क्लास में थी. हर हफ्ता, मुझे सोमवार को लेख लिखना पड़ा. एक लेख बहुत लम्बा है. मुझे क्लास का विचार के बारे में लिखना चाहिए। एक दिन, शनिवार को, मैंने लेख शुरू किया। रात को मैंने पूरा लेख कतम किया। मैंने बहुत खुश हुई. रविवार को मैंने दूसरे होमवर्क कतम किया और मैंने साइकोलॉजी का लेख भूल गया. हमने अपने लेख सोमवार को पांच बजे शिक्षक को देने पड़े. जब मैं लेख नहीं सबमिट करती है, तब मैं क्लास में बहुत बुरा ग्रेड मिलूंगी।
अगले सोमवार को मैंने बहुत थकी हुई. मैंने नींद आया और मेरा आँखे लग गयी. मैं घर से पहुंचकर सो गयी. जब मैंने उठी, मेरे दोस्तों से साथ खाना खाया। फिर मैंने दोस्त का कमरा गया और हमने सारे रात को बात किया। मंगलवार को मैंने साइकोलॉजी क्लास गयी. मेरी शिक्षक बहुत नाराज़ थी. उसने कहा, "अनीशा, आपका लेख कहा है?" मेरा चेहरा बहुत लाल हो गया. मैंने बोला, "आप किस लेख के बारे में बात कर रहे हैं?" उसने ज़ोर से बताया, "इस हफ्ते का लेख कहा है?!" मैंने शर्म आया. "मैंने भूल गया."
क्लास के बाद मेरी शिक्षक ने मुझसे बुलाया। कहा, "मैं इस हफ्ता बहुत ख़ुशी हूँ तो मैं आप से एक होर अवसर दूंगी। जब आज राज को छः बजे से पहले, आप अपनी लेख सबमिट करेंगे, तो मैं आप से अच्छे ग्रेड दूंगी। ठीक है?" मुझे इस बातें सुनकर मैंने बहुत खुश हुई. "ठीक है! शुक्रिया!" मैंने बोली। मैंने उस दिन बहुत बूरा भूल हुई. मेरा लेख कतम करके मैंने सबमिट किया। मैंने बहुत मुसीबत हुई. इस लिए, मैंने साइकोलॉजी का लेख कभी नहीं भूल गयी. मैंने सिखा कि प्रस्तुतीकरण देरी मत करनी।

परीक्षा

पिछले साल मैने गाडी चलने कि परीक्षा किया था।  मैने बहुत मेहनत कियी थी और परीक्षा के पहले मैं बहुत परेशान भी था।  मेरे सब दोस्तों ने यह परीक्षा एक या दो साल पहले कथं कियी थी।  इस लिए मे बहुत परेशान था क्योंकि मैं भी लाइसेंस पाना चाहता था। गाडी के क्लास में  मैं हमेशा टीक से चलाता था लेखिन फिर भी मैं बहुत डरता था। रस्ते पे ज़िन्दगी कि गारंटी नहीं है। परीक्षा का दिन तीस जुलाई था।  मैने परीक्षा का समय सुबह में चुना क्योंकि मैने सोचा की उस वक़्त रस्ते पे इतने गाडी नहीं होगी। मैं गलत था, बहुत गाड़िया रस्ते पे थी। मैं गाडी थोड़ी तेज़ चला रहा था लेखिन परीक्षक को मालूम नही था।  जब रोकने का वक़्त आ गया, मैने रोका नही, और सीधे चला रहा था। मेरे परीक्षक ने यह बात देखा और मुझको लाइसेंस नही दिया। मैं बहुत गुस्से मे था क्योंकि यह बहुत बड़ी भूल थी और मैं अपने आप से नाराज़ था।  मैने सब कुछ की तैयारी कियी थी लेखिन यह भूल ने मेरा सब कुछ बिगाड़ा।  दो हफ्ते बाद मैने फिर से परीक्षा किया, और वह दो हफ्ते में मैने बहुत तैयारी और अब्यास कि थी. दुसरे परीक्षा के बाद मुझको लाइसेंस  मिल गया। मे बहुत खुश था और मुझको लगा के मैं दुनिया का सबसे अच्छा ड्राइवर था।  अफ़सोस है कि मुझे पहली परीक्षा के बाद लाइसेंस नही मिला।  

Sunday, November 17, 2013

एक भूल जो हुई

हाई स्कूल पास होने के बाद मुझे सोचना पड़ा था कि मैं क्या बनना चाहता हूँ। मैंने सोचा और सोचा लेकिन कोई फैसला नहीं कर सका। इस की वजह से मैंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन चुना। मैं एक दूसरे स्कूल जाने कि सोच रहा था लेकिन मैंने सोचा यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में सारे क्लास अच्छे हैं तो मेरे लिए बेहतर होएगा।
एक महीना विश्वद्यालय जाने से पहले मैंने फैसला किया और यह मेरी भूल थी। जब मैं बच्चा था तो मैंने हमेशा सोचा कि मैं डाक्टर बनूँगा। मैं लोगों कि मदद करना चाहता था और मेरी माँ भी डाक्टर हैं। उसके अलावा डाक्टर बहुत पैसे कमाते हैं और मैं अपने परिवार की देख-रेख कर सकता हूँ। ये मेरे कारण थे प्री-मेड करने के लिए।
मेरा पहला सेमेस्टर बहुत अच्छा नहीं था और मेरी दूसरा सेमेस्टर भी अच्छा नहीं था। केवल मेरी हिन्दी क्लास पसंद आयी। मेरी जीव बिज्ञान कक्षाएं बहुत गंदी थीं। कक्षाएं में न कोई दिलचस्प चीज़ें थीं न मैंने कुछ सीखा। उसके अलावा मुझे अच्छे मार्क्स भी नहीं मिले। समस्त में मेरी पहला साल यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन में बुरा था।
इस लिए मैंने नया फैसला किया। फैसला था कि मैं कम्प्यूटर विज्ञान में मेजर कर लूँगा। अभी तक मेरी पहली कम्प्यूटर क्लास अच्छी है और मज़ा आ रहा है। ऐसे होना चाहिए। जब छात्र सीख रहे हैं, तो मज़ा आना चाहिए।
इस भूल से मैंने सीखा कि सीखने में मज़ा ले सकता हूँ, और सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अब मुझे मालुम है कि मैं क्या करना चाहता हूँ।

Monday, November 4, 2013

If I went to India

अगर मैं भारत जाऊ तो मैं बहुत चीज़ें करुंगा तो मुझे हिंदुस्तान की संस्कृति कि अनुभव करता हैं । पहले मुझे भारत जाऊ मैं प्रतिरक्षा फिर मुझे पता हैं कि मैं भारत में हिंदी सीक रहा ख़त्म करना चाहता हूँ क्योंकि मुझे लगता हैं कि मैं भारत जाकर हमेशा हिंदी बोलन पड़ेगा । अमेरिका में जब मैं हिंदी क्लास में मैं सिर्फ हिंदी बोलता हैं और जब मैं हिंदी क्लास में नहीं होकर अंग्रेजी बोलऊ। शायद मैं एक हिंदुस्तान की विश्वविद्यालय पढ़ता हो फिर मैं कुछ हिंदुस्तानी दोस्तों मिलेंगे और हम हमेशा हिंदी बोलता हैं । अगर मैं भारत जाए शायद कोई शादी कर रहा हैं और मैं उसकी शादी जाना हैं फिर मैं बहुत कुछ हिंदुस्तानी की खाना और मिठाइया खाता और शायद मुझे भी प्यार करती हो। मैं मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली, गोआ, और हैदराबाद जायूँगा । मैं हमेशा ये शहरों यत्र करता हूँ । मैं सोचता है कि अगर मैं भारत जाऊ तो मैं साइंस पडूंगा और मैं रिसर्च कर रहा है । जब भी मुझे भूख लगी हैं फिर मैं बाज़ार जाता हैं और ताज़ा सब्ज़ियाँ खरीदूंगा तो मैं हिन्दुस्तानी खाना पकता सकता हैं । मुझे कोई जो मुझे कैसे खाना बनाना सिखा सकते हैं की खोज करना पड़ेगा लेकिन वह बहुत मुश्किल नहीं हैं । मैं सोचता हैं कि अगर मैं भारत जाउ मैं बहुत सूरज करूँगा और मैं कभी नहीं वापस आऊ । मुझे पता हैं कि अगले साल मैं हैदराबाद जाऊ लेकिन एक दिन मैं बस भारत जाऊ  हिंदुस्तान की संस्कृति कि अनुभव करता हैं